बीरभूम ( पीबी टीवी): पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के शांतिनिकेतन थाना अंतर्गत महिषढाल गांव में दो नाबालकों की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को भारी तनाव फैल गया। मंगलवार रात को स्थानीय दो नाबालक — नयन हांसदा और रंजन मुर्मू — पास की कोपाई नदी से मात्र दो बोरी बालू लाने गए थे। इसी दौरान शांतिनिकेतन थाने की पुलिस ने उन्हें पकड़कर थाने ले गई।
इस घटना के विरोध में बुधवार सुबह से ही स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और बোলपुर से रामपुरहाट जाने वाले व्यस्त मार्ग को महिषढाल गांव के पास जाम कर दिया। इसके चलते सुबह से ही पूरे क्षेत्र में यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बरसात के मौसम में आम लोगों को नदी से मामूली बालू निकालने पर भी रोका जाता है, जबकि रोज़ाना सुबह से ही ट्रकों और ट्रैक्टरों में बड़े पैमाने पर अवैध बालू तस्करी होती रहती है — और यह सब कुछ स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से होता है। आम ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है, जबकि असली दोषी बालू माफिया पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
अवरुद्ध ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक गिरफ्तार किए गए दोनों नाबालकों को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाता, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बालू तस्करी पर तुरंत रोक लगाई जाए और असली दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
हालांकि घटना को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है, लेकिन आदिवासी समुदाय का कहना है कि उनके बच्चों को अन्यायपूर्ण तरीके से जेल नहीं भेजा जा सकता। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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