मालदा | पीबी टीवी: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में फिर से शूटरों का आतंक देखने को मिला, जहां कल रात हत्या के एक अहम गवाह आतिमुल मुमिन को निशाना बनाकर गोली चलाई गई। वह 10 जुलाई को इंग्लिशबाजार के लक्ष्मीपुर इलाके में तृणमूल कार्यकर्ता अबुल कलाम आज़ाद की हत्या मामले में मुख्य गवाह थे।
10 जुलाई को लक्ष्मीपुर में दिनदहाड़े तृणमूल कार्यकर्ता अबुल कलाम आज़ाद की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी काजीग्राम के पूर्व कांग्रेस नेता और वर्तमान तृणमूल पंचायत सदस्य मैनुल शेख और उसके बेटे सहित कई लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल जेल में हैं।
सूत्रों के अनुसार, आतिमुल मुमिन को पहले गवाही से हटने के लिए मोटी रकम की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। माना जा रहा है कि उनकी इसी सख्त रुख के चलते उन पर हमला किया गया।
इस हमले के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
विपक्ष ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया है।
वहीं सत्ताधारी दल की ओर से मामले की सख्त जांच और दोषियों को कड़ी सज़ा देने की मांग की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि
> "हमले के पीछे के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। प्राथमिक तौर पर यह गवाह को डराने या समाप्त करने की कोशिश लग रही है।"
इस घटना ने एक बार फिर मालदा जिले में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के लिए अब चुनौती है गवाहों की सुरक्षा और हत्या मामलों की निष्पक्ष जांच को सुनिश्चित करना।


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