रानीगंज- वामपंथी श्रमिक संगठन सीआईटीयू ने शनिवार को रानीगंज के मंगलपुर इलाके में हुगली जूट मिल के पास मंगलपुर स्पंज आयरन एवं स्टील वर्कर्स यूनियन,हुगली जुट मिल वर्कर्स यूनियन तथा मंगलपुर सीमेंट वर्कर्स यूनियन के संयुक्त तत्वाधान में एक विरोध सभा का आयोजन किया. इस सभा का मुख्य उद्देश्य मंगलपुर जूट मिल के श्रमिकों की लंबित मांगों को उठाना और क्षेत्र में औद्योगिक श्रमिकों के सामने आ रही समस्याओं पर प्रकाश डालना था.
इस सभा में रानीगंज के पूर्व विधायक रुनु दत्ता, वरिष्ठ वामपंथी नेता तापस कवि और उमापद गोप सहित कई प्रमुख नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित थे.
तापस कवि ने अपने संबोधन में कहा कि मंगलपुर जूट मिल को इतने वर्षों बाद फिर से खोला गया है, लेकिन अभी तक यह पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है. उन्होंने बताया कि सिर्फ 150 श्रमिकों को ही काम पर रखा गया है और अन्य विभागों में काम शुरू नहीं हुआ है.
कवि ने आगे कहा कि वामपंथियों के शासनकाल में जब मंगलपुर और जामुड़िया जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कारखाने स्थापित किए गए थे, तो उनका मुख्य लक्ष्य स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करना और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित करना था. हालांकि, 2011 में सत्ता परिवर्तन के बाद से स्थानीय लोगों को नौकरी मिलना बंद हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन कारखानों से स्थानीय लोगों को प्रदूषण तो झेलना पड़ रहा है, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है.
तापस कवि ने जामुड़िया में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले स्थानीय युवाओं के साथ होने वाले भेदभाव का भी जिक्र किया.उन्होंने कहा कि कारखाना प्रबंधन स्थानीय युवाओं से उनके आधार कार्ड के पते के बारे में पूछता है, और अगर वे जामुड़िया के होते हैं तो उन्हें नौकरी नहीं दी जाती, जबकि बाहरी लोगों को काम पर रखा जाता है. उन्होंने इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन करने की आवश्यकता पर जोर दिया.सभा के दौरान मंगलपुर जूट मिल के सभी श्रमिकों के लिए ईएसआई और प्रोविडेंट फंड की सुविधा तुरंत शुरू करने, मंगलपुर जूट मिल को तुरंत पूरी तरह से खोला जाने, जूट उद्योग के लिए एक उचित वेतन समझौता (एग्रीमेंट) किया जाने, लौह-इस्पात उद्योग और जूट मिल के श्रमिकों को सरकारी नियमों के अनुसार न्यूनतम वेतन दिया जाने, लौह-इस्पात उद्योग में भी वेतन समझौता संपन्न किया जाने की मांग किया.
इस सभा में सीटू नेता गौरांग चटर्जी, सुप्रियो राय सहित मंगलपुर औद्योगिक क्षेत्र की सभी फैक्टरियों के काफ श्रमिक भी उपस्थित थे.वक्ताओं ने अपने भाषणों में राज्य सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा रुख व्यक्त किया.



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