नवद्वीप (पीबी टीवी )पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दुर्गा पूजा समितियों को सरकारी अनुदान दिए जाने के फैसले के खिलाफ 'नास्तिक मंच' ने रविवार को नवद्वीप में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सड़कों पर पोस्टर, पथसभा और लिफलेट वितरण के ज़रिए संगठन ने आम जनता को सरकार के इस निर्णय के खिलाफ जागरूक किया और इसे संविधान विरोधी, जनविरोधी और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ बताया।सरकारी निर्णय के अनुसार, इस साल राज्य भर के लगभग 45,000 दुर्गा पूजा समितियों को 1,10,000 रुपये प्रति समिति के हिसाब से अनुदान दिया जाएगा। इस पर सवाल उठाते हुए नास्तिक मंच ने कहा कि "यह सीधे तौर पर संविधान के धर्मनिरपेक्ष परित्र का उल्लंघन है और जन सुविधाओं से पैसे की कटौती के बराबर है।":नास्तिक मंच का कहना है कि इस धनराशि का उपयोग अगर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर किया जाता, तो उससे राज्य के आम लोगों को वास्तविक लाभ मिलता। इसके बजाय, यह पैसा वोट बैंक की राजनीति में खर्च किया जा रहा है।नवद्वीप शाखा के सचिव गणेश देवनाथ ने सभा में कहा कि “जनता के टैक्स का पैसा पूजा अनुदान में देकर सरकार वोट बैंक बचाने की कोशिश कर रही है। सरकार का काम धर्म को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि जनता की भलाई सुनिश्चित करना है।”राज्य सचिव प्रताप चंद्र दास ने आरोप लगाया कि “जगन्नाथ मंदिर, दुर्गा अंगन, पंडाल, पुरोहित-इमाम भत्ता आदि के नाम पर जनता के पैसों से धार्मिक तुष्टीकरण किया जा रहा है, जबकि अस्पतालों और स्कूलों में पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।”नास्तिक मंच की 5 सूत्री माँगें है किस है कि सभी धर्मों के लिए सरकारी अनुदान तुरंत बंद किया जाए।वह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा में लगाई जाए। धार्मिक अनुदान और खर्च में प्रशासनिक पारदर्शिता लाई जाए। सरकारी धन का उपयोग केवल धर्मनिरपेक्ष उद्देश्यों के लिए किया जाए। सड़कों पर बाधा डालने वाले धार्मिक आयोजनों और तेज़ आवाज़ में डीजे-माइक बजाने पर रोक लगे, जिससे आमजन, बच्चे और बुजुर्ग परेशान होते हैं।संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध केवल दुर्गा पूजा अनुदान तक सीमित नहीं है, बल्कि मस्जिद, चर्च या किसी भी धर्म के तुष्टीकरण में दिए गए सरकारी अनुदान का भी वे कड़ा विरोध करते हैं। सभा के अंत में मंच ने घोषणा की कि यह आंदोलन केवल नवद्वीप तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य में गणआंदोलन का रूप लेगा।


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