दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल - बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पांडवेश्वर के विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती को पश्चिम बर्दवान जिले के जिला शासक एस पोन्नबलम, मंत्री प्रदीप मजूमदार और अड्डा चेयरमैन कवि दत्ता की मौजूदगी में वन विभाग के कुछ अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए देखा गया। यह घटना दुर्गापुर के बांस गोरिया इलाके में हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान हुई थी।
वीडियो में विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती इस बात से नाराज दिख रहे हैं कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बिना उनकी जानकारी के यह वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा था। इस घटना के बाद, विधायक ने अपने आचरण के लिए माफी मांगी है और कहा है कि अगर उनके व्यवहार से किसी को ठेस पहुंची है तो वे उसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
आदिवासियों के हितों की रक्षा का हवाला
हालांकि, अपनी सफाई में विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती ने इस घटना के पीछे की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि बांस गोरिया इलाके में लगभग 12,000 आदिवासी रहते हैं और जिस तरह से बिना उचित मापदंडों के यह कार्य किया जा रहा था, उससे आदिवासियों की रोजी-रोटी पर बुरा असर पड़ने की आशंका थी। विधायक ने बताया कि यह क्षेत्र आदिवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और उनका गुस्सा इसी बात को लेकर था कि यह कदम उनके समुदाय के हितों को खतरे में डाल सकता था।
नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती ने स्पष्ट किया कि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह हमेशा संघर्ष करते रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे। उनका कहना था कि इसी चिंता के कारण उन्होंने अपना आपा खो दिया और उस तरह का व्यवहार किया।

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