बांकुडा-बंगाल सरकार की शुरू की गई ‘आमादेर पाड़ा आमादेर समाधान’ और ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना को मिथुन चक्रवर्ती ने भीख बताते हुए कड़ी आलोचना की। बांकुडा में एक निजी लॉज में बीजेपी नेता व कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की भीख लेकर कोई काम न करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया— “सम्मान के साथ सिर ऊंचा रखकर लड़ेंगे, भीख लेकर लड़ाई लड़ने की जरूरत नहीं है। यह सब भीख के अलावा कुछ नहीं।”
सम्मेलन के बाद सोशल मीडिया पर मिथुन चक्रवर्ती का यह बयान वाला वीडियो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में उन्हें कहते सुना गया— “आमादेर पाड़ा आमादेर समाधान, लक्ष्मी भंडार... ये सब भीख के लिए बीजेपी तैयार नहीं है। किसी भी तरह की भीख लेकर कोई काम मत करो। सम्मान के साथ सिर ऊंचा रखकर लड़ेंगे हम।”
जिला बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके बयान का समर्थन किया। उनका कहना है कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए लोगों को उनके अधिकारों से वंचित कर रही है। योजनाओं की घोषणा करना ही काफी नहीं, उनका सही क्रियान्वयन भी जरूरी है, यही संदेश मिथुन चक्रवर्ती देना चाहते थे।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस और सीपीएम ने इस बयान की तीखी आलोचना की है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि मिथुन चक्रवर्ती आज जिस मुकाम पर हैं, वह लोगों के प्रेम और समर्थन से ही संभव हुआ है, और ऐसे बयान देकर वह बंगाल की जनता का अपमान कर रहे हैं। सीपीएम ने तंज कसा कि मिथुन चक्रवर्ती किस दल में हैं, यह समझना मुश्किल है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी अंदरूनी रूप से सेटिंग करके बाहर से लड़ाई का नाटक कर रही हैं, लेकिन जनता सब समझ रही है।

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