रानीगंज-रानीगंज के श्री सीताराम जी मंदिर परिसर में इस भी साल झूलन उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है. राखी पूर्णिमा से ठीक पांच दिन पहले शुरू हुआ यह उत्सव, हमारी समृद्ध परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है.
पारंपरिक उत्सव का भव्य आयोजन
मंदिर परिसर को इस अवसर पर फूल,पत्ते तथा टहनीयों से बेहद खूबसूरती से सजाया गया है.श्री सीताराम जी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विमल कुमार बाजोरिया ने बताया कि झूलन हमारी परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को हमारी हिंदू संस्कृति और परंपराओं से अवगत कराना है.यह उत्सव राखी पूर्णिमा तक चलेगा.
इस साल के आयोजन की खास बात यह है कि इसमें भारत के चार पवित्र धामों - बद्रीनाथ, द्वारकाधाम, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम - को दर्शाया गया है. इसके अलावा, भक्तों के लिए विशेष रूप से रासलीला का भी आयोजन किया गया है.
विलुप्त होती परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास
मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष ललित कुमार झुनझुनवाला ने बताया कि पहले हर मंदिर और हर घर में झूलन उत्सव मनाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे यह प्रथा विलुप्त होती जा रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए, कमेटी ने हमारी संस्कृति के इस महत्वपूर्ण अंग को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का निर्णय लिया है. उन्होंने बताया कि इस बार बाबा बर्फानी भोलेनाथ, राधा-कृष्ण की झांकी और हनुमान मंदिर को भी सजाया गया है, जिसे देखने के लिए रोजाना भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है.
संस्कृति से जुड़ाव का संदेश
संस्था के सचिव प्रदीप सरायां ने झूलन को हमारी संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा बताया.उन्होंने कहा कि श्री सीताराम जी मंदिर कमेटी की ओर से यह आयोजन सभी के लिए प्रस्तुत किया गया है, ताकि नई पीढ़ी हमारी संस्कृति के एक अहम हिस्से को जान सके. इस पूरे आयोजन को सुचारू रूप से चलाने में मंदिर कमेटी के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.




0 टिप्पणियाँ