बांकुडा-बांकुड़ा जिले के गंगाजलघाटी ब्लॉक के लटियाबनी में आयोजित आमादेर पाड़ा आमादेर समाधान शिविर में मंगलवार को अजीबो-गरीब स्थिति पैदा हो गई। कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता पार्टी का झंडा लेकर सीधे मंच तक पहुँच गए। यह नजारा देखते ही वहां मौजूद नेतृत्व असहज हो उठा और तत्काल झंडा लिए कार्यकर्ताओं को बाहर निकालकर वापस भेजा गया।
लटियाबनी अंचल उच्च विद्यालय में 259, 260 और 262 नंबर बूथों के लिए यह शिविर आयोजित था। इस सरकारी कार्यक्रम में राज्य के मंत्री अरूप राय, बांकुड़ा के जिलाधिकारी सियाद एन सहित ब्लॉक स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
इसी दौरान तृणमूल कार्यकर्ताओं का एक दल पार्टी का झंडा लेकर शिविर में प्रवेश कर गया। घटना का संज्ञान मिलते ही पार्टी नेतृत्व ने हस्तक्षेप कर झंडा लिए कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया। मंत्री अरूप राय ने दावा किया कि उन्होंने ऐसी कोई घटना देखी ही नहीं। वहीं, स्थानीय तृणमूल नेताओं का कहना है कि यह एक सरकारी कार्यक्रम है, पार्टी से इसका कोई संबंध नहीं है। लेकिन कुछ कार्यकर्ता भावनाओं में बहकर पार्टी का झंडा लेकर पहुँच गए थे, जिन्हें वापस भेज दिया गया।
दूसरी ओर, भाजपा ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि तृणमूल पार्टी और सरकार एक हो चुकी है। विपक्ष का आरोप है कि आम जनता के टैक्स के पैसे से आयोजित आमादेर पाड़ा आमादेर समाधान” शिविर का इस्तेमाल तृणमूल अपनी राजनीतिक प्रचार के लिए कर रही है। यह घटना उसी का सबूत है।

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