रानीगंज: प्रख्यात साहित्यकार और फिल्म निर्देशक शैलजानंद मुखोपाध्याय की स्मृति में, 'कल्चरल एंड लिटरेसी फोरम ऑफ बंगाल' ने रानीगंज में एक भव्य साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करेगी. यह आयोजन 31 अगस्त को रानीगंज के लायंस क्लब के हॉल में होगा, जिसमें रानीगंज, जामुड़िया, और पांडवेश्वर क्षेत्र के कवि, साहित्यकार और कलाकार एक ही मंच पर आएंगे.
कार्यक्रम का उद्देश्य और विवरण
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शैलजानंद मुखोपाध्याय और विद्रोही कवि काज़ी नज़रुल इस्लाम को श्रद्धांजलि देना है. इससे पहले, फोरम ने ऐसे ही कार्यक्रम सिलीगुड़ी, आसनसोल और कोलकाता में भी आयोजित किए थे, और अब रानीगंज के लोगों की मांग पर इसे यहां आयोजित किया जा रहा है.
संगठन के अध्यक्ष और समाजसेवी जितेंद्र तिवारी ने रविवार को एक पत्रकार सम्मेलन में इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी.उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में 60 से ज़्यादा कवि और साहित्यकार अपनी रचनाएं और साहित्यिक विचार प्रस्तुत करेंगे. साथ ही, पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य भी पेश किए जाएंगे. यह कार्यक्रम पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और सभी विचारधाराओं के लोगों का इसमें स्वागत है.
शैलजानंद मुखोपाध्याय को याद करना
आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम शैलजानंद मुखोपाध्याय को रानीगंज के लोगों के सामने फिर से प्रस्तुत करने का एक प्रयास है. वे यहां के भूमिपुत्र हैं और उनकी याद में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करना गर्व की बात है.मंच पर उनके जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को भी उजागर किया जाएगा.
इस पत्रकार सम्मेलन में कवि एवं साहित्यकार।अरुण कुमार दे,शुभ्रदीप अड्डो,नीता कवि मुखर्जी (लेखक एवं कवयित्री) ,जीवनानंद कर्मकार (साहित्य पत्रिका के संपादक),छंदा चटर्जी (विशिष्ट कवि-साहित्यकार) डॉ बीजन मुखर्जी,राजीव गिरी ,दिनेश सोनी,रवि केशरी,गौरव गुप्ता एवं अन्य उपस्थित थे.


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