रानीगंज-"आओ तामन्ना के लिए चित्र बनाएं"—इस शीर्षक को सामने रखकर वामपंथी संगठनों ने नौ वर्षीय छात्रा तमन्ना खातून की दर्दनाक हत्या के विरोध में और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर एक अनोखी पहल की.
कालिगंज विधानसभा उपचुनाव में जीत की खुशी में उन्मादी भीड़ के हिंसक हमले की शिकार हुई तमन्ना खातून.विजयोत्सव के नाम पर की जा रही अराजकता के दौरान फेंके गए बम के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी हत्यारे अभी तक पकड़े नहीं गए हैं. इसी के विरोध में वामपंथी छात्र और महिला संगठनों—डीवाईएफआई और महिला समिति—ने इस बार कलम और रंग के ज़रिए न्याय की आवाज़ बुलंद की.
रविवार को पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों के साथ-साथ रानीगंज के के कई हिस्सों में इस चित्रांकन कार्यक्रम का आयोजन किया गया.इसमें बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.चित्रों के ज़रिए उन्होंने महिला उत्पीड़न, बार-बार घटने वाली हिंसात्मक घटनाएं और तामन्ना के दर्दनाक अंत को अपनी कला में व्यक्त किया.किसी ने "अभया" कांड को चित्रित किया, तो किसी ने तमन्ना की असहाय मृत्यु को कागज़ पर उकेरा.
कई बच्चों ने अपने चित्रों के माध्यम से यह दिखाया कि किस तरह समाज में एक के बाद एक महिलाओं के खिलाफ अत्याचार घटित हो रहे हैं. इस आयोजन से बच्चों के मन की बात सामने आई और उन्होंने अपनी संवेदनाएं कला के ज़रिए अभिव्यक्त कीं.
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डीवाईएफआई रानीगंज लोकल कमिटी के सचिव गौरव धल्ल, सुकांत चटर्जी, मैनाक मंडल, बिरजू यादव जैसे नेताओं ने अहम भूमिका निभाई. वहीं महिला समिति की ओर से कृष्णा दासगुप्ता, जॉय श्री सरकार, साधना पासवान आदि ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई.
वाम संगठनों ने स्पष्ट किया कि जब तक तामन्ना खातून के हत्यारों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन और विरोध जारी रहेगा.




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