बांकुडा-अपनी पत्नी को जिंदा जलाकर मारने के मामले में एक पूर्व सैनिक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह घटना 26 अप्रैल 2021 को पश्चिम बंगाल के बाँकुड़ा जिले के ओন্দा थाना अंतर्गत बहड़ाबांध गांव में घटी थी। इस मामले में आरोपी पूर्व सैनिक समीरन धल्ल के खिलाफ आरोप साबित होने के बाद बाँकुड़ा जिला अदालत ने उसे दोषी ठहराया। आज न्यायाधीश मीर रदिद अली ने समीरन धल्ल को उम्रकैद की सजा के साथ 10,000 रुपये का जुर्माना और जुर्माना न भरने की स्थिति में 6 महीने की अतिरिक्त सजा सुनाई।
घटना की पृष्ठभूमि:
कोर्ट सूत्रों के अनुसार, 21 नवंबर 2011 को बाँकुड़ा जिले के ओंदा थाना क्षेत्र के बहड़ाबांध गांव निवासी समीरन धल्ल, जो पेशे से सैनिक था, की शादी तलडांगा थाना क्षेत्र के पैका गांव की निवेदिता से हुई थी। शादी के बाद इस दंपति के एक बेटा और एक बेटी भी हुए। इसी बीच समीरन सेना से सेवानिवृत्त हो गया।
शादी के कुछ वर्षों बाद ही दंपति के बीच दांपत्य जीवन में विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि समीरन अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। 26 अप्रैल 2021 को समीरन ने कथित रूप से अपनी पत्नी पर केरोसिन तेल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से झुलसी निवेदिता को तत्काल बाँकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 30 अप्रैल को उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद 27 अप्रैल 2021 को निवेदिता के मायके वालों ने समीरन धल्ल, उसके पिता, माँ और भाई के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कराया। अस्पताल में निवेदिता का मृत्यु पूर्व बयान (डाईंग डिक्लेरेशन) भी दर्ज किया गया था। पुलिस ने तीन महीने के भीतर चार्जशीट दाखिल की। चार साल तक चली सुनवाई में 19 गवाहों और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने समीरन को दोषी करार दिया।
हालांकि, अन्य तीन अभियुक्तों के खिलाफ अपर्याप्त सबूत होने के कारण अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
यह मामला समाज में घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के गंभीर पहलू को उजागर करता है, जिस पर कठोर न्यायिक कार्रवाई की गई है।

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