जामुड़िया- जामुड़िया थाना क्षेत्र, ईसीएल की सातग्राम श्रीपुर एरिया के मीठापुर आर कोलियरी (नागेश्वर) क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाली चोरी की घटना सामने आई है.इस बार चोरों ने बिजली के तार या खंभे को नहीं, बल्कि पूरे का पूरा ट्रांसफार्मर ही चुरा लिया है. इस घटना के कारण इलाके में दो दिनों से बिजली सेवा पूरी तरह ठप है, जिससे पूरा क्षेत्र में अंधेरा छा गया है.
चोरी हुए ट्रांसफार्मर और प्रभावित क्षेत्र
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस कोलियरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए तीन ट्रांसफार्मर लगाए गए थे— जिनमें दो 11,000 वोल्ट के है और एक 550 वोल्ट का है. 550 वोल्ट का यही ट्रांसफार्मर सातग्राम, नागेश्वर, मिठापुर और चाषीपाड़ा इलाके के कई हिस्सों में बिजली सप्लाई के लिए इस्तेमाल होता था.
बुधवार की रात चोरों ने बिजली सप्लाई चालू होने के बावजूद इस ट्रांसफार्मर को पहले बिजली लाइन से काटा और फिर केवल एक खाली बॉक्स छोड़कर पूरा ट्रांसफार्मर चुरा ले गए, हालांकि, पास ही में मौजूद बाकी के दो 11 हजार वोल्ट के ट्रांसफार्मरों को चोरों ने अब तक हाथ नहीं लगाया है.
बंद पड़ी कोलियरी और सुरक्षा का अभाव
गौरतलब है कि यह कोलियरी साल 2011 में पानी भर जाने के कारण बंद कर दी गई थी, और तब से यहां कोयला उत्पादन पूरी तरह बंद पड़ा है. तभी से यह कोलियरी 'बंद कोलियरी' की सूची में दर्ज है.
स्थानीय कोयला खदान श्रमिक कांग्रेस के सचिव शिव राम परिक्षा ने कहा है कि इतनी बड़ी संपत्ति, इतने बड़े क्षेत्र और अहम विद्युत ढांचे के बावजूद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल न के बराबर है। उन्होंने कहा, "यह राष्ट्रीय संसाधन है, इस तरह से उनकी चोरी वाजिब नहीं है. इसके लिए कोलियरी प्रबंधन को इंतजाम करना होगा, लेकिन यह बड़े अफसोस की बात है कि कोलियरी प्रबंधन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है." उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह सिर्फ मीठापुर आर कोलियरी की बात नहीं है, जहां से नागेश्वर पीट को बिजली पहुंचाई जाती थी, बल्कि 8 नंबर कॉलोनी और बेनाली वीटी सेंटर में भी कोलियरी का काफी सामान असुरक्षित पड़ा रहता है.
प्रबंधन और स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी नारायण राम ने बताया कि ईसीएल प्रबंधन द्वारा यहां पंप खलासी से सुरक्षा प्रहरी का काम कराया जा रहा है, और प्रबंधन की अनदेखी से ही इस तरह की चोरी की घटनाएं घट रही हैं. उन्होंने आशंका जताई कि चोरों ने यह छोटा ट्रांसफार्मर चुराकर यह देखने की कोशिश की होगी कि इसकी क्या प्रतिक्रिया होती है, इसके उपरांत वे बड़े ट्रांसफार्मर पर हाथ डालेंगे. उन्होंने साफ कहा कि इस तरह से राष्ट्रीय संसाधन की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कोलियरी प्रबंधन को इन कीमती सामानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी.
मीठापुर आर कोलियरी के सीनियर मैनेजर राजीव झा ने बताया कि यह कोलियरी बंद पड़ी हुई है और यहां पर मैनपावर की कमी है, जिस वजह से सुरक्षा गार्ड नहीं हैं और इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को जानकारी प्रदान कर दी है. उन्होंने बताया कि चोरी की घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और पुलिस भी आकर मामले की जांच कर रही है.
इस घटना ने कोलियरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.अब देखना यह है कि पुलिस इस ट्रांसफार्मर चोरी की घटना में क्या कार्रवाई करती है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए क्या ठोस सुरक्षा उपाय किए जाते हैं.


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