बीरभूम (पीबी टीवी ) : आज बीरभूम के बोलपुर गीतांजलि रंगमंच पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरकारी अधिकारियों को कई निर्देश दिए और पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को चेतावनी भी दी। इसके बाद, भाजपा शासित राज्य में बंगाली भाषियों के उत्पीड़न, बांग्लादेशी भाषा के आरोपों, सूचना की राजनीति और बंगालियों की गरिमा पर हमले के विरोध में, तृणमूल सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाषा आंदोलन का आह्वान किया। इससे पहले आज बोलपुर में बांग्ला भाषा और बंगालियों के उत्पीड़न के विरोध में एक जुलूस निकाला गया। जुलूस के अंत में उन्होंने आम लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा यह विरोध जुलूस राज्य के हर जिले में निकाला जाएगा।
उन्होंने कहा कि वे बीरभूम के प्रवासी श्रमिकों के साथ हैं। प्रवासियों को जॉब कार्ड से लेकर हर चीज़ का ध्यान रखने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही स्थानीय सड़कों, पेयजल और बिजली का भी ध्यान रखा जाए।
कर्मश्री परियोजना के तहत 77 लाख जॉब कार्ड दिए गए हैं।
इस वर्ष, कर्मश्री ने 32 दिनों में काम पूरा कर लिया। उन्होंने कहा,
बीरभूम में घरों के निर्माण के लिए 620 करोड़ 50 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों को दृढ़ संकल्प के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों के साथ-साथ 1 करोड़ 75 लाख परिवारों तक पेयजल पहुँचेगा।
उन्होंने ठेकेदारों को काम शुरू करने से पहले मिट्टी की जाँच करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि मोहम्मदबाजार में देउचा-पंचमी कोयला खदान का और विकास किया जाएगा, जिससे कई स्थानीय आम लोगों को काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि 1442 लोगों को पहले ही नौकरी दी जा चुकी है।
मकड़मनगर क्षेत्र में 72 एकड़ भूमि पर काम शुरू हो गया है। लोगों की सुविधा के लिए यहाँ एक अस्पताल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नलतेश्वरी मंदिर, तारापीठ के विकास के साथ-साथ बोलपुर में पर्यटन केंद्र के विकास के लिए धन आवंटित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांग्ला सहायता केंद्र ने बहुत काम किया है, इसे और विकसित करने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि कृषक बंधु की पहली किस्त 29 जुलाई के बाद शुरू होगी। उन्होंने प्रशासन, उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों और यहाँ तक कि स्थानीय नेताओं को भी सतर्क रहने का संदेश दिया ताकि आम लोगों को इस काम का मज़ाक उड़ाने का मौका न मिले।



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