रानीगंज- "रक्त नालियों में न बहे, रक्त नाड़ियों में बहे" के प्रेरक संदेश के साथ संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की रानीगंज शाखा ने रविवार को अपने कार्यालय में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया. इस नेक पहल में आसनसोल जिला अस्पताल के ब्लड बैंक अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और कुल 78 यूनिट रक्त एकत्र किया.
इस अवसर पर जानकारी देते हुए रानीगंज शाखा के प्रमुख मुखी (सेवादार) दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन वर्ष भर ऐसे कई सामाजिक कार्य करता है. फाउंडेशन 2012 से लगातार रक्तदान शिविरों का आयोजन कर रहा है.
दिलीप कुमार सिंह ने आगे कहा कि यह शिविर केवल पश्चिम बर्धमान तक सीमित नहीं था, बल्कि बर्धमान जोन के तहत आसनसोल, दुर्गापुर, पानागढ़ और यहां तक कि रामपुरहाट, फरक्का जैसे दूर-दराज के स्थानों से भी संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आदेश से महिलाओं द्वारा एक विशाल संत समागम का भी आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं ने भाग लिया.
संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन समाज में समरसता और समभाव में विश्वास रखता है.दिलीप कुमार सिंह ने बाबा हरदेव जी महाराज के प्रेरक शब्दों को दोहराया, "रक्त नाड़ियों में बहना चाहिए, नालियों में नहीं."
शिविर में उपस्थित आसनसोल की कक्षा 12 की छात्रा गुनगुन सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है. उन्होंने बताया कि इस शिविर में आकर वह सभी से मिल रही हैं और समाज के लिए कुछ करने तथा सबके साथ मिलकर रहने की प्रेरणा ले रही हैं. गुनगुन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अनुभव उनके भविष्य के जीवन में सहायक होगा और उन्हें एक अच्छा इंसान बनने में मदद करेगा, जिससे वे समाज की सेवा कर सकें. उन्होंने बाबा हरदेव महाराज के इस कथन को भी दोहराया कि सभी व्यक्तियों को मिलजुलकर समाज में रहना चाहिए क्योंकि "स्वस्थ समाज है तो हम हैं." उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यक्ति जन्म से किसी जाति में पैदा होता है, परंतु जाति और धर्म मानव द्वारा बनाए गए हैं, और सबसे बड़ा धर्म मानव धर्म है.
रक्तदान करने वाली एक युवा महिला ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता, क्योंकि यह किसी दूसरे व्यक्ति की जिंदगी बचा सकता है.
इस सफल शिविर को आयोजित करने में रमाकांत सिंह, गौर चंद्र भगत, देवनंदन साव, नवल किशोर साव सहित संगठन के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.



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