जामुड़िया- आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की खुफिया विभाग की विशेष टीम ने गांजा तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है.रविवार शाम को जामुड़िया थाना क्षेत्र के श्रीपुर आउटपोस्ट के चांदा सर्विस रोड पर एक अभियान के तहत फल और सब्जी के खाली कंटेनरों में छुपाकर ले जाए जा रहे लगभग 90-95 किलोग्राम गांजा को जब्त किया गया. इस मामले में पुलिस ने वाहन चालक और एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है.अनुमानित इसकी कीमत 20 लाख रुपयों से ऊपर है.
गांजा तस्करी का नया तरीका
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांजा तस्कर इस बार फल और सब्जी के खाली कंटेनरों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि पुलिस की नजरों से बच सकें. इस जानकारी के आधार पर, खुफिया विभाग की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 पर जामुड़िया में एक संदिग्ध ट्रक (709) का पीछा किया. जामुड़िया थाने की पुलिस की मदद से अंततः ट्रक को रोक लिया गया और गहन तलाशी के दौरान भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया.
ओडिशा से पश्चिम बर्धमान तक फैला जाल
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गांजा ओडिशा से पश्चिम बर्धमान के रास्ते विभिन्न स्थानों पर ले जाया जा रहा था. पुलिस का मानना है कि यह तस्करी का गिरोह काफी बड़ा है और इसके तार कई जगहों से जुड़े हो सकते हैं.
गिरफ्तारियां और आगे की जांच
पुलिस ने इस मामले में ओडिशा के कालिया नायक और बर्नपुर के न्यू टाउन निवासी जितेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार, कालिया नायक ही जितेंद्र प्रसाद के पास गांजा पहुंचा रहा था. आरोपियों के सामने ही कंटेनरों को खोला गया, जिसमें तीन बोरियों में कुल 50 पैकेट गांजा बरामद हुआ. अधिकांश पैकेटों का वजन 1 किलो 850 ग्राम से 1 किलो 900 ग्राम के बीच है, जिससे कुल जब्त गांजे की मात्रा 90-95 किलोग्राम होने का अनुमान है.
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह गिरोह कहां तक फैला हुआ है.
इस सफल अभियान में सर्किल इंस्पेक्टर सुशांत बनर्जी, जामुड़िया थाने के प्रभारी सौमेंद्रनाथ ठाकुर, श्रीपुर आउटपोस्ट के आईसी मेहराज अंसारी और डिटेक्टिव विभाग के अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे.
पुलिस का कहना है कि गुप्त सूचना के कारण ही यह तस्करी बीच रास्ते में ही पकड़ ली गई, जिससे एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है.



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