रानीगंज- रानीगंज के प्रतिष्ठित टीडीबी कॉलेज में प्रोफेसरों के लगातार उत्पीड़न के खिलाफ शनिवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की रानीगंज स्थानीय समितियों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में रानीगंज के कई शिक्षक भी छात्रों और युवाओं के साथ शामिल हुए, जिन्होंने नेताजी की प्रतिमा के सामने अपनी आवाज बुलंद की.
यह विरोध पिछले सप्ताह की एक घटना के बाद सामने आया है, आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (टीएमसीपी) के एक नेता ने रानीगंज कॉलेज शिक्षक परिषद की बैठक में घुसकर प्रोफेसरों के साथ अभद्र व्यवहार किया था. इस घटना के बाद सभी प्रोफेसरों ने अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर चार घंटे से अधिक समय तक कॉलेज के गलियारे में धरना दिया था.
शनिवार को एसएफआई और डीवाईएफआई ने विरोध सभा को संबोधित करते हुए, छात्र नेता सुकांत चटर्जी, युवा नेता गौरव ढल्ला और दिव्येंदु मुखर्जी ने टीएमसीपी के कथित कृत्यों की कड़ी निंदा की. नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि रानीगंज का पारंपरिक शैक्षिक संस्थान टीडीबी कॉलेज अब "बाहरी अपराधियों का अड्डा" बन गया है, जहाँ "धमकी की संस्कृति" फल-फूल रही है और प्रोफेसरों को लगातार धमकाया जा रहा है.
वक्ताओं ने तृणमूल सरकार पर राज्य के कॉलेजों में छात्र परिषद के चुनावों को स्थगित करके शिक्षा व्यवस्था को पतन के कगार पर धकेलने का आरोप भी लगाया.उन्होंने दावा किया कि तृणमूल छात्र इकाई छात्रों के दाखिले के दौरान अवैध रूप से धन उगाही करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है. नेताओं ने प्रोफेसरों के साथ टीएमसीपी द्वारा किए जा रहे "अभद्र व्यवहार" को "अस्वीकार्य" बताया और मांग की कि इसमें शामिल दोषियों की तुरंत पहचान की जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए.


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