रणगंज, पश्चिम बंगाल: बांकुड़ा जिले के ब्लॉक 2 में सोनादह से अमरकानन तक बन रही 22 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए आज स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण के लिए स्वीकृत 22 करोड़ रुपयों की परियोजना में मिट्टी, पत्थर और बालू की जगह स्थानीय फैक्ट्री की छाई का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है.
गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य को रोक दिया और मिक्सिंग स्थल पर इकट्ठा होकर ठेकेदार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. उनका आरोप है कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल से नई सड़क भी जल्द ही खराब हो जाएगी।. स्थानीय निवासियों ने यह भी शिकायत की कि इस मामले में बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की है.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में तालाब की गाद को भी निर्माण सामग्री में मिलाया जा रहा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और भी खराब होने की आशंका है. उनका आरोप है कि स्थानीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं और ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचा रहे हैं.
स्थानीय शासक दल से लेकर विपक्षी पार्टी के नेताओं तक, सभी ने एक स्वर में सड़क निर्माण में उचित गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग की मांग की है.
हालांकि, ठेकेदार कंपनी के अधिकारियों ने गबन के आरोपों को निराधार बताया है, लेकिन, उन्होंने शुरुआती दौर में सड़क निर्माण सामग्री के रूप में फैक्ट्री की राख का उपयोग करने की बात स्वीकार की. संगठन के विरोध के बाद एसआरडीए द्वारा इस सामग्री के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसके बाद अब इसका इस्तेमाल बंद कर दिया गया है
बहरहाल, स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है और वे मांग कर रहे हैं कि सड़क निर्माण में पारदर्शिता बरती जाए और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का ही उपयोग सुनिश्चित किया जा. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करता है.

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