रानीगंज- रानीगंज लायंस डीएवी पब्लिक स्कूल में 19 से 21 मई, 2025 तक तीन दिवसीय सामाजिक विज्ञान (क्लस्टर-1) क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के विभिन्न डीएवी विद्यालयों से आए 50 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने भाग लिया, जिसमें 5 प्रशिक्षक भी मौजूद थे.
कार्यशाला को प्राथमिक और मध्य स्तर, दो भागों में विभाजित किया गया था, ताकि विभिन्न स्तरों के शिक्षकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा सके.प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना और उनकी क्षमताओं को बढ़ाना था.
कार्यशाला के दौरान कार्यशाला के पहले दिन, प्रशिक्षकों ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की अवधारणा को विस्तार से समझाया और बताया कि इन्हें कक्षा में कैसे लागू किया जा सकता है. रुब्रिक, एक मूल्यांकन उपकरण है जो छात्रों के प्रदर्शन को विभिन्न स्तरों (जैसे-उत्कृष्ट, संतोषजनक, सुधार की आवश्यकता) में बाँटकर मूल्यांकन करता है। इसकी चर्चा की गई और यह बताया गया कि यह कैसे पारदर्शिता और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन में सहायक होता है.दूसरे दिन, स्प्रे डायग्राम के माध्यम से किसी विषय से जुड़ी अवधारणाओं को दृश्य रूप में कैसे दर्शाया जाता है, यह सिखाया गया. यह तकनीक विद्यार्थियों की सोचने की क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है. कार्यशाला के अंतिम चरण में, मिनिमम लर्निंग लेवल की अवधारणा को समझाया गया. प्राथमिक स्तर पर बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमताओं को निर्धारित करता है. यह विशेष रूप से कमजोर छात्रों के लिए आवश्यक है, ताकि वे अगली कक्षा में सुचारु रूप से जा सकें.
तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन 21 मई, 2025 को हुआ. इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या मंदिरा दे उपस्थित थीं और उन्होंने सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का उत्साहवर्धन किया. प्राचार्या मंदिरा दे के कर कमलों द्वारा सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए.
प्राचार्या मंदिरा दे ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के सफल कार्यशाला का आयोजन क्षेत्रीय अधिकारी डीएवी संस्थान पश्चिम बंगाल क्षेत्र की पापिया मुखर्जी के मार्गदर्शन में आगे भी होता रहेगा. उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम डीएवी विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को आधुनिक और उच्चतर बनाएंगे, क्योंकि शिक्षक नई तकनीक, नवाचार और प्रयुक्ति से संपन्न बनते हैं.



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