बांकुडा: बांकुडा एक नंबर ब्लॉक के आचुरी गांव के निवासियों का धैर्य अब जवाब दे गया. घरों में नल लगने के बावजूद पानी की आपूर्ति न होने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं.शुक्रवार सुबह बांकुडा-छतना मार्ग पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बाल्टी और मटके रखकर जाम लगा दिया, जिससे राहगीरों और कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
आचुरी गांव के लोगों का कहना है कि लगभग पांच साल पहले उनके इलाके में पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी और हर घर में कनेक्शन भी दिया गया,पर इन पाइपलाइनों से पानी की आपूर्ति बेहद अनियमित है.ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें एक या दो दिन के अंतराल पर नाममात्र का पानी मिलता है, जो इतना कम होता है कि अधिकांश परिवार पीने और घरेलू कामकाज के लिए भी पर्याप्त पानी जमा नहीं कर पाते.
प्रचंड गर्मी के इस मौसम में भी, आचुरी गांव के लोगों को पानी लाने के लिए लगभग ढाई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. स्थानीय निवासियों ने बताया कि गांव में एक हैंडपंप जरूर है, लेकिन उसका पानी पीने योग्य नहीं है और उससे खाना भी नहीं बनाया जा सकता. इसी मजबूरी के चलते आज सुबह महिलाओं ने आचुरी मोड़ पर इकट्ठा होकर नियमित पानी की आपूर्ति की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया.
जाम की सूचना मिलते ही बांकुडा सदर थाने की पुलिस और लोक स्वास्थ्य एवं इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के समक्ष भी अपनी समस्याए रखीं.
वहीं इस संबंध में पीएचई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दुर्गापुर से पाइपलाइन के माध्यम से आने वाली जलापूर्ति लाइन के अंतिम छोर पर आचुरी गांव स्थित होने के कारण पानी का दबाव काफी कम रहता है, जिसके चलते यह समस्या उत्पन्न हो रही है. उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विभाग जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करेगा.
गौरतलब है कि इसी तरह की पानी की किल्लत को लेकर कुछ दिन पहले सालबनी के लोगों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था. आचुरी गांव के लोगों का यह प्रदर्शन क्षेत्र में व्याप्त जल संकट की गंभीर स्थिति को दर्शाता है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग करता है.

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