बंगाल : तृणमूल विधायक का विस्फोटक दावा, 10 हजार रूपये देकर बनवा सकते हैं वोटर कार्ड




काकद्वीप (पीबी टीवी ) : भारत-पाक युद्ध के मद्देनजर घुसपैठ की विस्फोटक जानकारी सामने आई है। महज 10 हजार रूपये देकर वोटर कार्ड बनवाए जा रहे हैं। सत्ताधारी तृणमूल के विधायक का यह विस्फोटक दावा है। जब सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए कड़ी चौकसी बरती जा रही है, ऐसे में  तृणमूल विधायक के  इस बयान ने हलचल मचा दी है। हालांकि, न सिर्फ उस परिवार ने, बल्कि खुद काकद्वीप के तृणमूल विधायक मंटूराम पाखी ने भी आरोप लगाया है कि इस अवैध काम में प्रशासनिक अधिकारियों का एक वर्ग शामिल है। काकद्वीप   महकमा   प्रशासन सूत्रों के मुताबिक विधायक ने करीब 6 हजार मतदाताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उनकी नागरिकता पर सवाल उठाए गए हैं। उस शिकायत के आधार पर सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। दूसरी ओर, काकद्वीप के रामकृष्ण, स्वामी विवेकानंद और प्रतापदित्यनगर ग्राम पंचायत क्षेत्रों के मतदाताओं ने भी नाम दर्ज करवाने के लिए पैसे देने की बात स्वीकार की है। वे मुख्य रूप से बांग्लादेश से हैं। हालांकि उनके पास आधार कार्ड और राशन कार्ड हैं, लेकिन उनमें से कई मतदाता नहीं हैं। काकद्वीप विधानसभा के विधायक मोंटूराम पाखिरा का विस्फोटक आरोप है कि काकद्वीप एसडीओ और बीडीओ कार्यालय के कर्मचारी लाखों रुपये के बदले में यह अवैध काम कर रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ा गिरोह है। उन्होंने कहा, "वे लंबे समय से यहां आ रहे हैं। और कुछ दलालों और काकद्वीप के एसडीओ और बीडीओ कार्यालयों के लोगों ने ये अनियमितताएं की हैं। प्रशासन को उनके बारे में पता लगाना चाहिए। यहां लाखों रुपये की कहानी है। उन्होंने पैसे के बदले ये कार्ड बनाए हैं। मोंटूराम पाखीरा की शिकायत मुख्य रूप से बांग्लादेश से पलायन कर आए मछुआरों के खिलाफ है। लंबे समय तक रहने के बाद, वे घोटाले के जरिए पैसे देकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा रहे हैं। काकद्वीप महकमा  प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, विधायक ने लगभग 6,000 मतदाताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उनकी नागरिकता पर सवाल उठाए गए हैं। उस शिकायत के आधार पर एक सर्वेक्षण भी शुरू किया गया है और फिर यह पाया गया कि काकद्वीप के रामकृष्ण, स्वामी विवेकानंद और प्रतापदित्यनगर ग्राम पंचायत क्षेत्रों के मतदाताओं ने पैसे देकर सूची में अपना नाम दर्ज कराने की बात स्वीकार की। वे मुख्य रूप से बांग्लादेश से हैं। हालांकि उनके पास आधार कार्ड और राशन कार्ड हैं, लेकिन कई मतदाता नहीं हैं। उनका कहना है कि उनका नाम सूची में नहीं था क्योंकि वे पैसे नहीं दे सकते थे। पैसे देकर लिस्ट में नाम दर्ज करवाया है। मतदाता सुजन सरकार ने कहा, "हम पैंतीस-छत्तीस साल से यहां हैं। जन्म प्रमाण पत्र नहीं है। लेकिन मेरे पास आधार है।" फिर उन्होंने कहा, "मेरी पत्नी पहले मतदाता बन गई थी। मैंने अपने दस्तावेज बहुत पहले जमा कर दिए थे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बाद में वह मामूली रकम देकर मतदाता बन गई। मैंने तृणमूल पार्टी को दस हजार रूपये दिया। एक बांग्लादेशी घुसपैठिए ने कहा, "हम लंबे समय से काकद्वीप में रह रहे हैं। मेरे पति मछुआरे हैं। मेरा बेटा और बेटी भी स्कूल में हैं, लेकिन पैसे की कमी के कारण हमें वोटर कार्ड नहीं मिल सके। दूसरों ने भी पैसे देकर वोटर कार्ड बनवाए हैं। हम इस देश में रहना चाहते हैं।"

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

 रेड लाइट एरिया लच्छीपुर में अय्याशी पड़ी भारी, मारपीट कर रुपये छीनने का आरोप
 जामुड़िया में ईडी का बड़ा धमाका: रानीगंज के हार्डवेयर व्यवसायी राजेश बंसल के घर छापेमारी, नोट गिनने की मशीन मंगवाई गई
 पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन की महासभा को लेकर उठा विवाद: आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर
 रानीगंज: शिशु बागान मोड़ के पास बड़ी चोरी, घर की छत पर थी मालकिन और नीचे से 35 लाख के जेवर पार
 रानीगंज में किन्नरों का प्रदर्शन कर सड़क अवरोध किया, एक व्यक्ति पर मारपीट और छीनाझपटी का आरोप
 रानीगंज के व्यापारी युवक के अपहरण का ड्रामा, पति स्वयं भाग गया था घर से
 रानीगंज में फाल्गुन एकादशी पर भव्य श्री श्याम निशान यात्रा, हजारों भक्तों ने लगाई हाजिरी,गूंज उठा जय श्री श्याम से
 रानीगंज के श्री श्री सीताराम मंदिर में उमड़ा भक्ति का सैलाब, लड्डू गोपाल संग खेली गई मनमोहक फूलों की होली
 चार्टेड एकॉउंटेंट अजय कुमार बगड़िया के नेतृत्व में आध्यात्मिक एवं स्ट्रेस मैनेजमेंट यात्रा का आयोजन
 जामुड़िया बाजार में कपड़े के शोरूम में भीषण आग, लाखों का नुकसान