बांकुडा: पश्चिम बंगाल सरकारी कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बांकुड़ा सम्मिलानी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सह उप प्राचार्य के कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया।
संघ के सदस्यों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर अस्पताल परिसर में अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और प्रदर्शन किया। इसके पश्चात, संगठन के प्रतिनिधियों ने चिकित्सा अधीक्षक को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। अधीक्षक ने कर्मचारी संघ को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
कर्मचारी संघ द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
अस्थायी कर्मचारियों का स्थायीकरण: संघ ने लंबे समय से, यानी 25 से 30 वर्षों से कार्यरत दैनिक दर वेतन (डी.आर.डब्लू.) अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए ठोस और उचित कदम उठाने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक सेवा करने के बावजूद इन कर्मचारियों का अस्थायी बने रहना अन्यायपूर्ण है।
सुरक्षा और पहचान: अस्पतालों में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, संघ ने उन्हें पहचान पत्र और वर्दी उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि पहचान पत्र और वर्दी होने से कर्मचारियों की पहचान सुनिश्चित होगी और अस्पताल परिसर में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
उचित वेतन: अस्थायी कर्मचारियों के वेतन संबंधी मुद्दे को उठाते हुए संघ ने कहा कि ये कर्मचारी पूरे महीने अस्पताल में अपनी सेवाएं देते हैं, लेकिन उन्हें फील्ड ड्यूटी के आधार पर केवल 24 दिनों का वेतन ही मिलता है। संघ ने मांग की कि इन कर्मचारियों को कम से कम 28 दिनों का वेतन दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से कुछ राहत मिल सके।
पश्चिम बंगाल सरकारी कर्मचारी संघ के इस प्रदर्शन ने बांकुडा सम्मिलानी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अस्थायी कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को उजागर किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अस्पताल प्रशासन और सरकार इन मांगों पर क्या कार्रवाई करती है।


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