जामुड़िया - जामुड़िया प्रखंड के धसना इलाके में औद्योगिक प्रदूषण से त्रस्त होकर स्थानीय महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है. जहरीले प्रदूषण के नियंत्रण और अपने पुनर्वास की मांग को लेकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. क्षेत्र में स्थित विभिन्न औद्योगिक संयंत्रों से निकलने वाले हानिकारक प्रदूषकों के कारण स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है.
धसना गांव की महिलाएं और पुरुष आज श्याम सेल कंपनी के खिलाफ धरने पर बैठे. प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कारखाने से निकलने वाले प्रदूषण के कारण गांव के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिसके चलते क्षेत्र के लोग कैंसर, तपेदिक और सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई स्कूल और अन्य संस्थान स्थित हैं, जो कारखाना प्रबंधन की लापरवाही का शिकार हो रहे हैं उन्होंने कहा कि कारखाने से निकलने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए पहले भी कई बार कंपनी प्रबंधन से गुहार लगाई गई थी, लेकिन उनकी मांगों को अनसुना कर दिया गया.इसी वजह से मजबूर होकर आज उन्हें धरना प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा है.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आज ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि गांव के लोग अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं.उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उन्हें पुनर्वास नहीं दिया गया, तो क्षेत्र के लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाएंगे. इसी मुख्य मांग को लेकर धसना गांव के निवासियों ने आज श्याम सेल कंपनी के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया.


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