रानीगंज - सीआईटीयू पश्चिम बर्दवान जिला सचिव बंसगोपाल चौधरी पर अपनी ही पार्टी की एक महिला नेता को अश्लील संदेश भेजने का गंभीर आरोप लगा है.इस आरोप ने पूरे जिले की राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीपीएम ने बंसगोपाल के खिलाफ एक जांच आयोग का गठन किया है.
आरोप लगाने वाली महिला नेता ने सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द:
मुर्शिदाबाद जिले की सीआईटीयू नेता और पार्टी की जिला समिति की सदस्य रत्ना दास (अजीमगंज जियागंज नगर पालिका की पूर्व पार्षद) ने सीपीएम के राज्य सम्मेलन के दौरान सोशल मीडिया पर बंसगोपाल चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि बंसगोपाल ने उन्हें कई बार देर रात अश्लील संदेश भेजे.रत्ना ने नवंबर 2024 में सीपीएम के मुर्शिदाबाद जिला सचिव से इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई.
पार्टी ने गठित की जांच समिति, न्याय की गुहार:
राज्य सम्मेलन के बाद, पार्टी ने इस मामले की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है.रत्ना दास ने सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट में कहा है कि उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि पार्टी निष्पक्ष जांच करेगी.
बंसगोपाल के समर्थक ने आरोपों को बताया साजिश:
इस बीच, पश्चिम बर्दवान जिले में बंसगोपाल के एक करीबी नेता ने सोशल मीडिया पर रत्ना के आरोपों को एक साजिश बताया है.उन्होंने दावा किया कि बंसगोपाल साजिश का शिकार हुए हैं.
रत्ना दास ने उठाए गंभीर सवाल:
रत्ना दास ने सवाल उठाया है कि क्या बंसगोपाल और पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने वाले नेता के बीच कोई संबंध है, जिसके कारण बंसगोपाल इतने अहंकारी हो गए हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि अगर उनके आरोप साबित हो जाते हैं, तो क्या पार्टी बंसगोपाल और उनके समर्थकों को निष्कासित करेगी?
हालांकि इन आरोपो को लेकर सीटू नेता वंश गोपाल चौधरी से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया ,पर सम्पर्क नहीं हो पाई.


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