रानीगंज- ईसीएल के कुनुस्टोरिया एरिया अंतर्गत बांसड़ा कोलियरी के सी पीट पर गुरुवार की सुबह बांसड़ा गांव के निवासियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते कोलियरी में कोयले का उत्पादन और परिवहन पूरी तरह से ठप हो गया. यह प्रदर्शन सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चला.
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि कोलियरी प्रबंधन उनकी जमीनों का विधिवत अधिग्रहण किए बिना ही ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) का पानी उनकी कृषि भूमि पर छोड़ रहा है. इस कारण उनकी उपजाऊ खेती की जमीन लगातार खराब हो रही है, जिससे उनके जन जीवन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन किया है और कोलियरी प्रबंधन ने उन्हें समाधान का आश्वासन भी दिया था, लेकिन दुर्भाग्यवश अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
प्रबंधन की कथित उदासीनता से क्षुब्ध होकर आज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एकजुट होकर खदान में कोयला निकालने से लेकर उसे ट्रकों में लोड कर बाहर भेजने तक की सभी गतिविधियों को पूरी तरह से बंद करवा दिया.ग्रामीणों के इस कड़े तेवर को देखते हुए ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) प्रबंधन तत्काल हरकत में आया प्रबंधन की ओर से प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए आगामी 16 अप्रैल को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी. प्रबंधन से यह सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया, जिससे क्षेत्र में शांति बहाल हुई.
यह घटना एक बार फिर कोयला खदान क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय क्षति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर स्थानीय समुदायों और खनन कंपनियों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है. अब सभी की निगाहें 16 अप्रैल को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हैं, जहां यह देखना होगा कि ईसीएल प्रबंधन ग्रामीणों की शिकायतों का किस प्रकार निवारण करता है और भविष्य में इस तरह के टकरावों को रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाता है.



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