सालानपुर -सालानपुर में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद गिरफ्तार किए गए भाजपा कार्यकर्ता उमेश नोनिया के समर्थन में गुरुवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने सालानपुर थाने के सामने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के एक अधिकारी पर नोनिया के साथ मारपीट करने और उन्हें झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने सालानपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए भाजपा कार्यकर्ता उमेश नोनिया को गिरफ्तार कर लिया था और अदालत के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया था। जेल में रहने के दौरान नोनिया बीमार हो गए, जिसके बाद उन्हें आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आज हुए विरोध प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गिरफ्तार कार्यकर्ता को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी ने न केवल उमेश नोनिया के साथ मारपीट की, बल्कि उन्हें झूठे मामले में भी फंसाया है। काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद भाजपा कार्यकर्ता वहां से चले गए।
उमेश नोनिया की पत्नी शीला कुमारी ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि 6 तारीख को टीएमसी से जुड़े कुछ लोग उनके घर पर आए और दोनों पक्षों में मारपीट हुई। उन्होंने बताया कि जब इस घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई, तो पुलिस ने उनके पति को ही गिरफ्तार कर लिया। शीला कुमारी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके पति के साथ मारपीट की, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
हालांकि, सालानपुर ब्लॉक टीएमसी के उपाध्यक्ष भोला सिंह ने भाजपा कार्यकर्ता से मारपीट के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उमेश नोनिया मानसिक रूप से बीमार हैं और उन्हें इलाज की आवश्यकता है।
इस घटना और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शन से सालानपुर में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि भाजपा कार्यकर्ता अपने नेता को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।


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