रानीगंज: रविवार को रानीगंज की धरती पर सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का एक शानदार दृश्य देखने को मिला. दो प्रतिष्ठित सामाजिक संस्थाओं, सुभाष स्वदेश भावना और अंजुमन इमदाद ए वहिमी, के संयुक्त तत्वावधान में एक शांति रैली का आयोजन किया गया.इस रैली में दोनों ही संगठनों के सदस्यों के साथ-साथ भारी संख्या में स्थानीय निवासियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो रानीगंज के अमन पसंद माहौल का जीवंत प्रमाण था.
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद दिखा. रैली में शामिल रानीगंज थाना प्रभारी विकास दत्त ने अपने संबोधन में कहा कि भारत हमेशा से शांति का देश रहा है और विशेषकर पश्चिम बंगाल में सभी धर्मों के लोग कंधे से कंधा मिलाकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम बंगाल में आपसी भाईचारा एक अटूट बंधन की तरह है और किसी भी मुश्किल घड़ी में सभी समुदाय एक दूसरे का साथ देते हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमारा देश संविधान के नियमों से चलता है और हम सभी इस महान संविधान का सम्मान करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं.
सुभाष स्वदेश भावना के अध्यक्ष गोपाल आचार्य ने इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुछ ऐसी विघटनकारी शक्तियां सक्रिय हैं जो लोगों को आपस में बांटना चाहती हैं, लेकिन हमें यह समझना होगा कि ऐसी ताकतें किसी विशेष धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं, बल्कि वे असामाजिक तत्व हैं जिनका कोई धर्म नहीं होता. उन्होंने सभी से ऐसी नकारात्मक शक्तियों से बचने और उन्हें परास्त करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की रैलियां पूरे समाज को यह संदेश देती हैं कि हम सब एक हैं और हमारी इस एकता को कोई कमजोर नहीं कर सकता. उन्होंने अंत में इस बात पर जोर दिया कि हमें हिंदू, मुसलमान या अन्य धर्मों के नाम पर नहीं बंटना चाहिए, बल्कि हमें हमेशा यह याद रखना चाहिए कि हमारी एकमात्र पहचान भारतीय है.
इस महत्वपूर्ण पहल में अपनी आवाज बुलंद करते हुए अधिवक्ता मोहम्मद सलीम खान ने रानीगंज को शांति और भाईचारे का शहर बताया.उन्होंने शहर के निवासियों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा कि यहां की सबसे बड़ी और खूबसूरत परंपरा यही है कि सभी लोग मिलजुल कर प्रेम से रहते हैं.
अंजुमन इमदाद ए वहिमी के सचिव नदीम सबानी ने भी इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए कहा कि रानीगंज हमेशा से भाईचारे की मिसाल रहा है, जहां विभिन्न धर्मों के लोग सद्भावपूर्वक जीवन यापन करते हैं.उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के कुछ हिस्सों में धर्म के नाम पर विभाजन की कोशिशें हो रही हैं और रानीगंज को ऐसी नकारात्मक ताकतों से बचाने के लिए हम सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है.उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आज दो सामाजिक संगठनों ने मिलकर इस शांति रैली का आयोजन किया है, जो समाज में सांप्रदायिक एकता का एक मजबूत संदेश देगा.उन्होंने अंत में कहा कि आज की रैली इस महत्वपूर्ण संदेश को और भी मजबूती से जन-जन तक पहुंचाती है कि हमें हमेशा एक दूसरे के साथ मिलकर रहना है.



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