बांकुड़ा: सीपीआईएमएल लिबरेशन ने बांकुड़ा के मचान ताला इलाके में सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के सामने एक विरोध सभा का आयोजन किया। यह सभा सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के कारण नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों के समर्थन में आयोजित की गई थी।
सभा में पार्टी के प्रदेश सदस्य फरहान हुसैन खान, शहर के विशिष्ट चिकित्सक सोमराज मुखर्जी, बांकुड़ा अदालत के विशिष्ट अधिवक्ता अभिषेक विश्वास और एटक के जिला सचिव भास्कर सिन्हा ने अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सुप्रीम कोर्ट को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षक नियुक्ति में जो भ्रष्टाचार हुआ है, उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। वक्ताओं ने मांग की कि इस भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए, लेकिन किसी भी योग्य शिक्षक को उनकी नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा अदालत के फैसले का इस्तेमाल करके प्रदेश में अराजकता फैलाने की साजिश रच रही है, जिसे विफल करना होगा।
संगठन के जिला सचिव बबलू बनर्जी ने सभा का संचालन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी योग्य शिक्षकों के इस आंदोलन के समर्थन में पहले दिन से खड़ी है। उन्होंने बताया कि बिहार से उनकी पार्टी के दो निर्वाचित सांसदों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। बनर्जी ने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी।
इस विरोध सभा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और शिक्षक उपस्थित थे, जिन्होंने नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।


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