रानीगंज: वामपंथी श्रमिक संगठन सीटू , एआईकेएस , एआईएडब्ल्यूयू और पीबीयूएस के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को रानीगंज बोरो कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान, संगठनों ने अपनी 15 सूत्री मांगों के समर्थन में बोरो कार्यालय को एक ज्ञापन भी सौंपा.
प्रदर्शनकारियों ने शहर की जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण की पुरजोर मांग की. इसके अतिरिक्त, उन्होंने रानीगंज शहर में साफ-सफाई व्यवस्था और जल निकासी प्रणाली को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया. ज्ञापन में सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण, तालाबों और जलाशयों को भरकर किए जा रहे निर्माण कार्यों को रोकने और प्रदूषण के स्तर को कम करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए.
वामपंथी श्रमिक संगठनों ने नगर निगम के बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा बस्ती विकास कार्यों पर खर्च करने की मांग की, साथ ही, नगर निगम क्षेत्र में सभी नागरिकों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया गया. उनकी अन्य प्रमुख मांगों में आवास योजना के तहत गरीब लोगों को घर उपलब्ध कराना, भूमिहीन गरीब परिवारों को जमीन का पट्टा देना और बुजुर्गों के लिए भत्ता योजना को सुचारू रूप से चालू करना शामिल था.
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम में हेमंत प्रभाकर, दिव्येंदु मुखर्जी, देवीदास बनर्जी, संजय प्रमाणिक और कल्लोल घोष सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे. प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और बोरो प्रशासन से जल्द से जल्द इन मुद्दों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया.


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