बांकुड़ा जिले के बिष्णुपुर के बहादुगंज इलाके के रहने वाले सदानंद दत्ता अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाने जाते हैं। वे हर नए साल का स्वागत लालबांध नामक विशाल पारंपरिक तालाब में साल के वर्षों की संख्या के बराबर डुबकियां लगाकर करते हैं। इस वर्ष भी उन्होंने इस परंपरा को जारी रखते हुए नए साल के पहले दिन लगभग पचास मिनट में लगातार 1432 डुबकियां लगाईं।
बचपन से ही सदानंद को पानी से विशेष लगाव रहा है और वे अक्सर लालबांध में घंटों तैरते थे। बाद में उन्होंने परिवार की सहायता के लिए ड्राइवर का काम किया और कुछ समय के लिए बिष्णुपुर नगर पालिका के स्विमिंग पूल में प्रशिक्षक के तौर पर भी काम किया। लालबांध के पानी के प्रति उनके गहरे प्रेम के कारण ही उन्होंने कई वर्षों पहले नए साल पर इसमें डुबकी लगाने की अनूठी प्रथा शुरू की।
नए साल के दिन सदानंद की इस अद्भुत परंपरा को देखने के लिए न केवल बिष्णुपुर के स्थानीय लोग बल्कि प्राचीन मल्लागढ़ घूमने आए पर्यटक भी लालबांध के तट पर जमा हुए। कई लोगों ने इस अनोखे दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया। सदानंद दत्ता की यह परंपरा निश्चित रूप से लोगों को आश्चर्यचकित करती है और नए साल के स्वागत का एक अविस्मरणीय तरीका है।









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