कोलकाता (पीबी टीवी ) बनगांव न्यायालय के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश 2 प्रदीप कुमार अधिकारी ने अपने बड़े की हत्या के आरोप में एक शिक्षक भाई की गिरफ्तारी के मामले में बारासात और बनगांव जिलों के गोबरडांगा और गायघाटा पुलिस स्टेशनों के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया है। आरोपी के वकील मुकुल बिस्वास ने बताया कि शनिवार को हत्या मामले में फैसले में जज ने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान आपराधिक कानून या सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा पुलिस लॉकअप में यातना के आरोपों पर भी विचार किया जा रहा है। न्यायाधीश ने यह भी आदेश दिया कि उस दिन के पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज और जीडी रिकॉर्ड अदालत में पेश किए जाएं।
इस गिरफ्तारी में सुप्रीम कोर्ट के किसी भी दिशानिर्देश का पालन नहीं किया गया। एक निर्दोष व्यक्ति को पकड़कर प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण न्यायाधीश ने उसे जमानत दे दी।
अभियुक्त के वकीलों ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी कानून के अनुरूप नहीं थी। गिरफ्तारी के संबंध में आपराधिक कानून या सर्वोच्च न्यायालय के किसी भी दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया गया। प्रारंभ में, इस मामले की अपील बनगांव न्यायालय के एसीजेएम के समक्ष की गई थी। उन्होंने उस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। आरोपी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
आरोपी की पत्नी ने भी कहा कि पुलिस ने उसके निर्दोष पति को प्रताड़ित किया।

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