कोलकाता (पीबी टीवी) : दुकान के सामने कालना महकमा अस्पताल के एक नेत्र रोग विशेषज्ञ का फर्जी नाम चमक रहा है। साइनबोर्ड पर कालना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के फर्जी नेत्र रोग विशेषज्ञ लाबनी भौमिक का नाम देखकर स्थानीय लोगों ने भी अपनी आंखें दिखाते हुए डॉक्टर पर भरोसा जताया। लेकिन स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि डॉक्टर ने इलाज के बाद आखों का पावर गड़बड़ा दिया है। अस्पताल यह भी दावा कर रहा है कि कालना महकमा अस्पताल में इतने समय से इस नाम का कोई डॉक्टर नहीं है। यह बात सहायक अधीक्षक गौतम विश्वास ने कालना अस्पताल में मीडिया को बताई।
पता चला है कि कालना ब्लॉक क्रमांक एक के बाघनापारा इलाके में रामकृष्ण मेडिकल हॉल, कालना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लाबनी भौमिक सप्ताह में दो बार, सोमवार और शुक्रवार को यहां बैठती हैं और उसी नाम और तारीख वाला एक साइनबोर्ड, 3, उस दुकान के सामने चमक रहा है। जब दुकान के मालिक से इस बारे में पूछा गया तो उसने साफ तौर पर स्वीकार कर लिया कि वह कालना अस्पताल में डॉक्टर नहीं है। हालाँकि उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस बारे में कुछ भी पता नहीं है। इसके अलावा वह किसी को भी यह जवाब नहीं दे पाए कि उन्होंने ऐसा पोस्टर क्यों लगाया। हालाँकि उस दुकान के मालिक ने माना कि उससे गलती हुई है।
क्षेत्र के स्थानीय निवासी देवव्रत मंडल, उनकी पत्नी और मां, सभी ने इस डॉक्टर से अपनी आंखों की जांच कराई थी। डॉक्टर लाबनी भौमिक ने उन्हें चश्मा देने के अलावा उनके चश्मे की पावर भी बदल दी। इसके बाद उन्होंने शिकायत की कि उन चश्मों की नई पॉवर का उपयोग करने के बाद वे ठीक से नहीं देख पा रहे हैं।
इस संबंध में संपर्क करने पर कालना महकमा अस्पताल के सहायक अधीक्षक गौतम बिस्वास ने बाद में कहा कि कालना अस्पताल में इस नाम का कोई नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं है। दवा की दुकान पर जाने के बाद भी वह कहीं नहीं मिला।
इस घटना के बारे में जानने के बाद डॉक्टर को बुलाया गया और बाद में उसने फोन पर सच्चाई स्वीकार करते हुए कहा कि वह डॉक्टर नहीं है। वह एक ऑप्टोमेट्रिक वकील हैं। उसे नहीं मालूम कि उसके नाम का इस्तेमाल कर किसने, कहां क्या लिखा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वे इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

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