रानीगंज: वामपंथी छात्र संगठन माकपा, ने सोमवार को रानीगंज के नेताजी सुभाष बोस मोड़ पर एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वामपंथी छात्र नेता, कार्यकर्ता और अन्य वामपंथी समर्थक शामिल हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री पर 1 मार्च को जादवपुर विश्वविद्यालय में शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे वामपंथी छात्रों पर हमला करवाने का आरोप लगाया.
विरोध सभा को संबोधित करते हुए, वामपंथी नेता सुप्रियो रॉय ने शिक्षा मंत्री के कार्यों की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए उन पर गाड़ियां चढ़ाई गईं, उसी तरह शिक्षा मंत्री ने छात्र आंदोलन को कुचलने की कोशिश की। इस घटना में कई छात्र घायल हुए.
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के हर विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है. पश्चिम बंगाल में कोई भी ऐसा विभाग नहीं है जहां सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा भ्रष्टाचार नहीं किया जा रहा है. उन्होंने शिक्षा मंत्री की गिरफ्तारी की मांग की और कहा कि उनकी मानसिक स्थिति की जांच होनी चाहिए.
वामपंथी नेता हेमंत प्रभाकर ने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार वामपंथी छात्र आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है. आंदोलन कर रहे वामपंथी छात्रों पर कई हमले हुए हैं, जिसमें महिला छात्र भी शामिल हैं.उन्होंने कहा कि वामपंथी संगठन राज्य सरकार के कुशासन के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे.

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