कोलकाता (पीबी टीवी ) पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी और भाजपा के बीच वाकयुद्ध देखने को मिला। हिंदुओं पर हमलों का आरोप लगाते हुए सरकार से बयान की मांग करें। विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा विधायकों की मांगों को खारिज कर दिया। मंगलवार को भाजपा विधायकों ने विरोध स्वरूप विधानसभा से बहिर्गमन किया। उन्होंने विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में विधानसभा गेट के बाहर धरना भी दिया। विधानसभा के बाहर भाजपा के विरोध प्रदर्शन में शामिल होते हुए शुवेंदु अधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्री ने विधानसभा को तमाशा बना दिया है। अंदर कैमरे प्रतिबंधित हैं, इसलिए हमें हर दिन बाहर आना होगा और अपने लोगों के लिए बोलना होगा। शंकर घोष ने सरकार से बयान मांगा है। अगर मैं उनकी जगह होता, तो मैं पुलिस मंत्री से बयान मांगता। पश्चिम बंगाल में एक महत्वपूर्ण स्थान पर इंटरनेट बंद कर दिया गया, धारा 144 लगा दी गई, क्यों? किसे जवाबदेह ठहराया जाएगा? पुडुचेरी में, विधानसभा का सीधा प्रसारण किया जाता है, मणिपुर में, लेकिन यहां नहीं। विधानसभा के अंदर विधायकों से घिरे शुभेंदु ने आगे कहा, "एससी समुदाय के लोग हम पर भरोसा करते हैं। हम नंदीग्राम में एससी के वोटों से जीते थे। हम जिम्मेदार हैं। उन्होंने पांच गांवों को ससपेंड कर दिया है। उन्होंने धारा 163 जारी की है। हम नहीं बताएंगे? हम जानकारी कहां मांग सकते हैं? वे लाइव स्ट्रीमिंग नहीं करते हैं। मैं कहां क्या कह रहा हूं, क्यों कह रहा हूं, कोई नहीं जान सकता।"

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