जामुड़िया-जामुड़िया थाना क्षेत्र के केंदा फाड़ी अंतर्गत चाकदोला मोड़ निवासी 31 वर्षीय सूरज नोनिया, जो श्याम सेल पावर लिमिटेड कारखाना में कार्यरत थे, बीते 17 मार्च को एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का शिकार हो गए. कार्य के दौरान हुए इस हादसे में सूरज गंभीर रूप से झुलस गए थे.कंपनी ने उन्हें तत्काल दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ 28 मार्च को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.
सूरज की मृत्यु की खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.घटना की सूचना मिलते ही कंपनी के अधिकारी सूरज के परिजनों से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वना देने का प्रयास किया. शुरुआती दौर में, कंपनी ने सूरज के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया.
हालांकि, सूरज के परिजनों ने कंपनी के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया. उन्होंने कहा कि सूरज की मृत्यु कंपनी में काम करते हुए हुई है, इसलिए कंपनी को उचित मुआवजा देना चाहिए. परिजनों ने 20 लाख रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी. कंपनी ने उनकी मांगों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता सिंटू भुंइया और उदित सिंह के नेतृत्व में कंपनी के गेट के सामने आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई.
आंदोलन की संभावना को देखते हुए, श्याम सेल प्रबंधन ने सूरज के आश्रितों को 13.5 लाख रुपये का मुआवजा, उनकी पत्नी को नौकरी और अंतिम संस्कार के लिए 50,000 रुपये नकद देने पर सहमति जताई. इसके अतिरिक्त, कंपनी ने सूरज की गर्भवती पत्नी को लगभग चार वर्षों तक घर बैठे वेतन देने का भी आश्वासन दिया.
कंपनी के इस प्रस्ताव पर तृणमूल नेताओं और मृतक के परिजनों ने सहमति जताई, जिसके बाद सूरज के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. सूरज के परिवार में उनकी बूढ़ी माँ और एक भाई है, जो श्याम सेल में ही काम करते हैं उनके पिता का पहले ही देहांत हो चुका है.


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