जामुड़िया- काली पहाड़ी इलाके में स्थित लाइफलाइन हॉस्पिटल पर उत्तर धादका के रहने वाली पूजा पाल नामक युवती ने अपने पिता साधन पाल के इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि उनके पिता, जिन्हें पाइल्स की शिकायत के चलते 29 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, 1 फरवरी को हुए ऑपरेशन के बाद से ही गंभीर रूप से बीमार हैं ,और अस्पताल प्रबन्धन द्वारा लगातार उन्हें गुमराह किये जाने तथा पिता के निरंतर बिगड़ती हालात को देखते हुए उन्हें 4 फरवरी को दुर्गापुर के मिशन अस्पताल अपने रिस्क पर ले जाया गया,जहां चिकित्सकों ने बताया कि उनका दो -दो बार ब्रेन स्ट्रोक हो चुका है,पिता को वहां से आई क्यू सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. वर्तमान में दुर्गापुर के उस अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं.
पूजा पाल ने बताया कि उनके पिता एक पान की गुमटी चलाते हैं ,और उनके द्वारा ही परिवार का भरण पोषण होता हूं, और उनके लिए दुर्गापुर के महंगे निजी अस्पताल में इलाज कराना आर्थिक रूप से बहुत मुश्किल है. उन्होंने जामुड़िया थाने में लाइफ लाइन अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है.पूजा पाल ने बताया कि लाइफलाइन हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही बरती गई.सिर्फ पाइल्स के ऑपरेशन के बाद उनके पिता की हालत इतनी बिगड़ना संभव नहीं है.उन्हें दुर्गापुर के निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ रहा है, जो आर्थिक रूप से बहुत कष्टदायी है.पूजा पाल चाहती हैं कि उनके पिता के इलाज का खर्च लाइफलाइन हॉस्पिटल उठाए.अगर उनके पिता को कुछ होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल की होगी.
दूसरी औरलाइफलाइन हॉस्पिटल के महाप्रबंधक आलोक मित्रा का कहना है कि साधन पाल का पूरा इलाज किये बिना उनके परिवार ने रिस्क बांड पर उन्हें यहां से दुर्गापुर के अस्पताल ले जाया गया है,वहीं लाइफ लाइन अस्पताल द्वारा बेवजह मरीजो को रखे रहने के कई मरीज परिवार द्वारा लगाए हए आरोपो को उन्होंने खारिज किया,उन्होंने मरीज साधन पाल के इलाज के खर्च वहन करने की बात को भी एक सिरे से नकार दिया.
फिलहाल जामुड़िया पुलिस मामले की जांच कर रही है. प्रशासन ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है पूजा पाल और उनके परिवार को न्याय का इंतजार है.

0 टिप्पणियाँ