रानीगंज: द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की रानीगंज शाखा ने अपने नए ब्रांच ऑफिस का उद्घाटन एनएसबी रोड स्थित तार बंगला मोड़ पर किया। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजीत कुमार अग्रवाल ने कार्यालय का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में संगठन के चेयरमैन संजीव संघाई, इआईआरसी के उप चेयरमैन विष्णु तुलसियान, सचिव मयूर अग्रवाल ,पूर्व चैयरमेन रवि पटवा एवं दुर्गापुर शाखा के अध्यक्ष अजय बेहरा रानीगंज शाखा के अध्यक्ष अजय कुमार बागड़िया,सचिव ऋषि झुनझुनवाला मंच पर आसीन थे. इसके अलावा काफी संख्या में चार्टर्ड अकॉउंटेंट उपस्थित थे ,रंजीत कुमार अग्रवाल ने घोषणा किया कि अगर रानीगंज चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंस्टीट्यूट या अन्य कोई भी शाखा का 300 स्थाई सदस्यता हो जाए तो इंस्टिट्यूट मुख्यालय 10 करोड़ तक उसे शाखा के नए भवन के खरीदने अथवा निर्माण करने के लिए आवंटित करेगी
श्री अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की काफी मांग है। उन्होंने युवाओं से इस क्षेत्र में करियर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल या इंजीनियरिंग की पढ़ाई में लाखों रुपए खर्च होते हैं, जबकि चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई के लिए 75 हजार रुपए ही लगते हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के बाद युवाओं को सालाना 9 लाख रुपए का शुरुआती पैकेज मिलता है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट अपना व्यवसाय शुरू करता है तो उसे सफल होने में दो से तीन साल लग सकते हैं। इसलिए नौकरी करना बेहतर है। उन्होंने युवाओं से नौकरी के साथ-साथ दूसरों के लिए रोजगार पैदा करने के बारे में भी सोचने को कहा।
अग्रवाल ने कहा कि आज का युग आंकड़ों का युग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत सभी आधुनिक स्त्रोतों से लगातार आंकड़े आ रहे हैं। इन आंकड़ों को समझकर उन्हें वर्गीकृत करने का काम एक निपुण चार्टर्ड अकाउंटेंट ही कर सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है। अगर भारत को भविष्य में तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनना है तो इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका सबसे अहम होगी।
उन्होंने इस बार के बजट पर संतोष जताया और कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट संगठन ने बजट से पहले केंद्र सरकार को जो सुझाव दिए थे, उनमें से कई सुझावों पर अमल किया गया है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई आर्थिक मामलों को लेकर केंद्र सरकार को सुझाव देना चाहता है तो वह द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के मेल आईडी पर ईमेल कर सकता है। संस्था के सभी वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उन सुझावों पर विचार कर उन्हें केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे।



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