रानीगंज- रानीगंज को कोयलांचल के साथ-साथ प्रतिभाओं की खान भी कहा जाता है.यहां की धरती ने कई ऐसे हीरे पैदा किए हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरे शहर का नाम रोशन किया है.ऐसे ही एक हीरे हैं स्पंदन मुखर्जी, जो अपनी बहुमुखी प्रतिभा के कारण आज हर जगह छाए हुए हैं.
15 वाद्य यंत्र बजाने में माहिर
स्पंदन मुखर्जी एक वायरल सनसनी हैं, जो 15 तरह के वाद्य यंत्र बजाने में माहिर हैं. उनकी इस अद्भुत प्रतिभा के कारण उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार मिल चुके हैं. सरस्वती पूजा के अवसर पर स्पंदन मुखर्जी रानीगंज के एनएसबी रोड स्थित वृंदावन धाम सोसाइटी में पहुंच कर जहां उन्हें तथा उनके भव्य स्वागत किया गया,इस अवसर पर उनके पिता डॉ जयंतो मुखर्जी तथा उनकी माता पम्पा मुखर्जी को भी सम्मानित किया गया.
स्पंदन मुखर्जी के वृंदावन धाम सोसाइटी पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. संस्था के सलाहकार प्रोफेसर स्वदेश मजूमदार ने कहा कि इस बात पर गर्व महसूस किया कि इतना प्रतिभाशाली बच्चा उनके शहर का निवासी है.स्पंदन ने भी लोगों का धन्यवाद किया और अपनी प्रतिभा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. उन्होंने वहां चार तरह के वाद्य यंत्र बांसुरी,हॉर्मोनिका(माउथ ऑर्गन),वायलिन तथा उनके द्वारा बनाये गए पेन फ्लूट बजाकर सभी का मन मोह लिया. संस्था के अध्यक्ष उमेश सरायां,कोषाध्यक्ष अशोक बुचासीया,सलाहकार प्रमोद तोदी, पवन खैतान,डॉ मनोज कुमार,तरुण कांति सांगुई,पंचानन साधु,राकेश बुबना,सूंदर सिंह,गुलशन अरोड़ा,सहित कॉलोनी के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाए.
आपको बता दें कि स्पंदन रानीगंज के ही रहने वाले हैं और वह एसकेएस पब्लिक स्कूल में कक्षा 12 के छात्र हैं. इतनी कम उम्र में उनकी यह उपलब्धि बेहद सराहनीय है और यह साबित करती है कि रानीगंज में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है.

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