रानीगंज- रानीगंज के आनंदलोक अस्पताल में रविवार को 20 और नए आईसीसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) बेड का उद्घाटन किया गया.अस्पताल के संस्थापक देव कुमार ने बताया अब इस अस्पताल में कुल 54 बेड वाली आईसीसीयू शुरू ही गयी, जिससे मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा प्रदान की जाएगी.
मारवाड़ी समाज के कुछ तत्वों द्वारा विरोध का सामना
देव कुमार सराफ ने कहा कि वह पिछले 28 वर्षों से इस क्षेत्र में आम लोगों की चिकित्सा सेवा के लिए वह कार्य कर रहे हैं. उन्होंने मारवाड़ी समाज के कुछ तत्वों द्वारा अस्पताल का विरोध किए जाने, कभी ट्रस्टी बनाने अथवा निजी स्वार्थ के लिए अस्पताल को नुकसान पहुंचाने का भी सवाल खड़ा करते हुए नाराजगी जताई और यहां तक कहा कि जो भी यहां आते हैं, अपना स्वार्थ लेकर आते हैं.उनके चरित्र को देखकर तो हमें मारवाड़ी होने का दुख है. उन्होंने अपील की कि वे इस नेक कार्य में सहयोग दें और अस्पताल के विकास में बाधा डालने वालों से दूर रहें.
मुख्य अतिथि मेजिया अंचल के तृणमूल कांग्रेस और समाजसेवी मलय मुखर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि अच्छे कार्यों में रुकावटें आती हैं, लेकिन हमें अपने लक्ष्य से नहीं भटकना चाहिए. उन्होंने अस्पताल के 28 वर्षों से सुचारू संचालन की सराहना की. समाजसेवी दीनानाथ लोहिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए, जबकि पत्रकार विमल देव गुप्ता ने कहा कि अच्छा कार्य करने वालों को आलोचनाओं की परवाह नहीं करनी चाहिए, उनका काम ही उनकी पहचान होता है.
इस कार्यक्रम में डॉ. दिनेश अग्रवाल,अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के पदाधिकारी स्वीटी लोहिया, रमेश सोमानी, प्रमोद खेतान,अशोक दत्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
हालांकि रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी भी थोड़ा विलम्ब से पहुँचे,
वहीं दूसरी और यह बात भी उठने लगी है कि अस्पताल की एक यूनिट का दूसरी बार उद्घाटन करवाने को लेकर लोगो का कहना है कि अस्पताल के कई यूनिट में थोड़ा बदलाव करके समय-समय पर विभिन्न उद्योगपति व समाजसेवियों से उद्घाटन करवाया जाता है,जो कहाँ तक उचित है,वहीं बार -बार रानीगंज के मारवाड़ी समाज जिन्होंने आनंदलोक अस्पताल को वर्षो पहले दान स्वरूप जमीन प्रदान किया था कि अंचल वासियो को एक उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा मिलेगी,उसके स्थान पर समाज के लोगो को बार-बार शब्दो के बाण से अपमानित करना कहाँ तक न्याय संगत है.
स्थानीय लोगों ने अस्पताल में चिकित्सकों की कमी, कम पैसा देकर चिकित्सा सेवा देने वालों का शोषण करने की भी बात कही जा रही है.


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