कोलकता (पीबी टीवी )| अंततः मैपीठ में बाघ को पकड़ा लिया गया है । दक्षिण 24 परगना जिले की प्रभागीय वनाधिकारी निशा गोस्वामी ने बताया कि बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। बाघ को पहले ही प्राथमिक उपचार दिया जा चुका है। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया बाघ एक वयस्क नर बाघ है। वन विभाग का प्रारंभिक अनुमान है कि यह बाघ बार-बार बस्ती से सटे इलाके में आ रहा थाआपको बता दें कि पिछले एक-दो सप्ताह से दक्षिण 24 परगना के कुलतली के मैपीठ इलाके में एक बाघ लुका-छिपी का खेल चल रहा था। कभी उसके जंगल में वापस लौटने की खबर आती है तो कभी उसके पैरों के निशान देखकर लोग भयभीत हो जाते थे । रविवार को एक बार फिर जंगल से सटी ठकुरान नदी के आसपास बाघ के पैरों के निशान देखे गए थे। 8 जनवरी को वन विभाग की ओर से बताया गया कि बाघ जंगल में वापस आ गया है। पिछले गुरुवार की सुबह मकरी नदी के किनारे घने मैंग्रोव जंगलों में फिर से बाघ के पैरों के निशान देखे गए। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि बाघ रात में अजमलमारी जंगल से नदी पार कर गांव से सटे बदावन जंगल में घुस गया होगा। क्षेत्र के निवासी अक्सर भयभीत रहते थे, क्योंकि बाघ बार-बार जंगल से सटे गांवों में घुस आता था । जंगल से सटे इलाकों में काफी संख्या में लोग रहते हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को आजीविका के लिए मछली पकड़ने और शहद इकट्ठा करने के लिए जंगल के बेहद नजदीक वाले इलाकों में जाना पड़ता है। इसलिए बाघ को पकड़ने के लिए 80 लोगों की टीम बनाई गई थी। निशा गोस्वामी ने बताया कि जब भी इलाके से सटे इलाके में बाघ होने की खबर मिलती है तो त्वरित कार्रवाई की जाती है।मैपीठ का बाघ अंततः रविवार देर रात पिंजरे में कैद कर लिया गया। वही बाघ जंगल से होकर गांव में आता रहा। रविवार सुबह किशोरी मोहनपुर क्षेत्र में बाघ की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मियों ने निगरानी के बाद क्षेत्र की घेराबंदी कर दी।
उन्होंने ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर बाघ के तीन हमले। रविवार सुबह किशोरी मोहनपुर क्षेत्र में फिर बाघ के पदचिह्न देखे गए। इस घटना से क्षेत्र के निवासी भयभीत थे । खबर मिलने पर वन विभाग मौके पर पहुंचा। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जंगल में करीब 1 किलोमीटर के क्षेत्र की घेराबंदी की गई है और पिंजरा लगाया गया, तब जाकर वन विभाग को पिंजरा में लाने में सफलता मिली है ।

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