रानीगंज: शतरंज के खेल ने रानीगंज में एक नया आयाम स्थापित किया है. चेस लर्निंग स्कूल और स्वर्गीय पुष्पा रानी रक्षित एवं रक्षित परिवार के संयुक्त प्रयास से आयोजित एक दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता ने युवाओं में छुपी प्रतिभा को उजागर किया. सोष्टिगोरिया स्तिथ पब्लिक लाइब्रेरी में आयोजित इस प्रतियोगिता में लगभग 30 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें युवा और वयस्क दोनों शामिल थे.
इस अवसर पर चेस लर्निंग स्कूल के संस्थापक, सुरजीत नंदी ने बताया कि शतरंज सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि बौद्धिक विकास का एक शक्तिशाली माध्यम है. आजकल डॉक्टर भी बच्चों को शतरंज खेलने की सलाह देते हैं. उन्होंने बताया कि उनका स्कूल रानीगंज के राजारबांध इलाके में स्थित है और वे अपने सहयोगी राजीव गुप्ता के साथ मिलकर बच्चों को शतरंज सिखाते हैं.
इस प्रतियोगिता में 10 से 15 वर्ष के बच्चों के साथ-साथ 16 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागी भी शामिल थे. सभी प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ खेल का आनंद लिया. प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को प्रदीप नंदी की ओर से पुरस्कार दिया गया, जबकि दूसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को बैकलेस मीडिया द्वारा पुरस्कृत किया गया. अन्य पुरस्कार रक्षित परिवार की ओर से प्रदान किए गए.
सुरजीत नंदी ने बताया कि रानीगंज के लोगों का मिलाजुला सहयोग देखकर वे बहुत उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें इसी तरह का सहयोग मिलता रहा, तो वे भविष्य में और बड़े पैमाने पर इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन करेंगे.



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