जामुड़िया: ईसीएल के न्यू केंदा ओसीपी में मंगलवार को हुए जोरदार ब्लास्टिंग ने सालडांगा मंडलपाड़ा के लोगों को दहशत में डाल दिया है.ब्लास्टिंग की वजह से क्षेत्र के घरों में दरारें आ गईं और बड़े-बड़े पत्थर घरों तक पहुंच गए.
ग्रामीणों का आरोप है कि ईसीएल प्रबंधन सुरक्षा को नजरअंदाज कर ब्लास्टिंग कर रहा है. ब्लास्टिंग की वजह से कुओं का पानी सूख गया है और क्षेत्र में भय का माहौल है. ब्लास्टिंग इतना जोरदार रूप से हुआ कि ओसीपी से लगभग 100 मीटर दूरी पर स्थित सालडांगा मंडलपाड़ा तक पत्थर के बड़े बड़े टुकड़े छिटक कर गिरे.ब्लास्टिंग की घटना से क्षुब्द सालडांगा मंडलपाड़ा के ग्रामीणों द्वारा न्यू केंदा ओसीपी के पास विरोध प्रदर्शन किया.घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची सीआईएसएफ तथा पुलिस को भी ग्रामीणों के रोष का सामना करना पड़ा.सालडांगा, मंडलपाड़ा निवासी महिला आलोछाया बाउरी,निहाल बाउरी ने बताया कि दोपहर लगभग 2 बजे जोरदार आवाज के साथ ब्लास्टिंग हुआ, जिससे पूरी क्षेत्र कांप उठा. ब्लास्टिंग के कारण घरों की दीवारों व छतों पर मोटी मोटी दरार पड़ गई.उन्होंने बताया कि न्यू केंदा ओसीपी में हर दिन ब्लास्टिंग होता है जिसके कारण आस पास रहने वाले लोग आतंक के साए में दिन रात गुजार रहे है.उन्होंने कहा कि ईसीएल प्रबंधन लोगों की जान की परवाह किए बगैर केवल कोयला उत्पादन करने पर ध्यान केंद्रित किए हुए है.उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को बिना सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किए ब्लास्टिंग किया जा रहा है. ईसीएल प्रबंधन को कोयला उत्पादन करने के लिए पहले लोगों को पुनर्वासित करना होगा अन्यथा ईसीएल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार आंदोलन किया जाएगा.सालडांगा निवासी तृणमूल कांग्रेस नेता तमाड़ मुर्मू ने कहा कि ईसीएल प्रबंधन सुरक्षा को दरकिनार कर कोयला उत्पादन करने के लिए अवैज्ञानिक तरीके से ब्लास्टिंग कर रही है.उन्होंने कहा कि ईसीएल प्रबंधन द्वारा ओसीपी से कोयला खनन करने के कारण कुआ का पानी सुख गया है जिसके कारण लोगों को पेयजल की समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है. सुरक्षा के मद्देनजर ओसीपी की घेराबंदी नहीं किया गया है जिसकी वजह मवेशी सहित लोगों के ओसीपी में गिर जाने का भय बना रहता है. सालडांगा के ग्रामीणों को ईसीएल प्रबंधन द्वारा पहले सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करना होगा अन्यथा ब्लास्टिंग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा.


0 टिप्पणियाँ