जामुड़िया: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए आवश्यक सेवा कानून (एसमा) का विरोध तेज होता जा रहा है. किसानों और मजदूरों ने इस कानून को अंग्रेजी काल का दमनकारी कानून बताते हुए इसका विरोध किया है. उनका आरोप है कि सरकार इस कानून का इस्तेमाल किसानों के एम एस पी की मांग और बिजली निजीकरण के खिलाफ मजदूरों के आंदोलन को दबाने के लिए कर रही है.
सोमवार को सीटू द्वारा कुनुस्तोडीया क्षेत्र के कोलियरियों में इस कानून के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार इस कानून को तुरंत वापस ले. उनका कहना है कि यह कानून लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करता है और किसानों और मजदूरों की आवाज को दबाने का प्रयास है.
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व नोर्थ सियारसोल ओसीपी में कलीमुद्दीन अंसारी, उज्जवल मुखर्जी, शंकर दास, मोकर्रम अंसारी, कुनुस्तोड़िया कोलियरी में शंभू चौधरी, नासिर मियां, हीरेन मंडल, मैनाक मंडल और बांसरा कोलियरी में असगर अली, सुब्रतो सिद्धांत, संजय मंडल आदि ने किया.










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