कोलकाता : बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर उत्पीड़न की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। हिन्दू संत चिन्मय कृष्ण प्रभु की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश की अंतरिम यूनुस सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है । इतना ही नहीं, चिन्मय कृष्ण प्रभु के वकीलों को भी अदालत में पेश होने से रोका जा रहा है। हालाँकि बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट के वकील रवीन्द्र घोष विभिन्न बाधाओं को नजरअंदाज करते हुए बांग्लादेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार चिन्मय कृष्ण प्रभु के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, फिलहाल वकील रवीन्द्र घोष इलाज के लिए कोलकाता में हैं। यहाँ मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि कोर्ट में मुझे तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है.

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