कोलकाता (पीबी टीवी ) ईसाइयों का प्रमुख या कहें सबसे बड़े त्योहार क्रिसमस को लेकर पूरे कोलकता मन धूम मची है. विभिन्न गिरजाघर में प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा. वहीं रात्रि 12:00 बजे प्रभु यीशु का जन्मोत्सव मनाया गया। कोलकाता के सबसे बड़े चर्चों में से सेंट पॉल कैथेड्रल में क्रिसमस को लेकर उत्साह और उमग देखा देखा जा रहा है, लोगों की भारी भीड़ इस चर्च में देखी जा रही है ।
कोलकाता का सेंट पॉल कैथेड्रल चर्च एशिया का पहला ऐसा चर्च था जो किसी संत के नाम पर बनाया गया था। इसलिए इसे एशिया का पहला एपिस्कोपल चर्च कहा जाता है। चर्च के अंदरूनी हिस्से में पवित्र कर्मों का चित्रण किया गया है। ये भारत के महत्वपूर्ण चर्च में से एक माना जाता है। करीब 175 साल पहले इस चर्च को इसको बनाने में लगभग 4.35 लाख रुपए खर्च हुए थे। इस चर्च में एकसाथ करीब 1000 लोग प्रार्थना में शामिल हो सकते हैं।
सेंट पॉल कैथेड्रल चर्च गोथिक कला का बेजोड़ नमूना माना जाता है। इसकी आधारशिला 1839 में रखी गई थी और साल 1847 में निर्माण कार्य संपन्न हुआ था। इसे एशिया में पहला एपिस्कोपल चर्च का तमगा हासिल है। यह चर्च उन सबसे बेहतरीन इमारतों में से एक है, जिन्हें गोथिक शैली में बनाया गया है। इस चर्च का निर्माण कोलकाता में यूरोप के लोगों की बढ़ती जनसंख्या को देखकर शुरू किया गया था क्योंकि उस समय मौजूद सेंट जॉन चर्च छोटा पड़ने लगा था।

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