रानीगंज-हाई कोर्ट के निर्देश और इससे पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश के बावजूद आसनसोल नगर निगम पर उदासीनता का आरोप लगाई गई. समय की कमी का हवाला देते हुए रानीगंज के डाल पट्टी मोड़ के पास बनारसी लाल गनेडीवाला भवन से सटे इलाके में कई अवैध रूप से खटालों को हटाया नहीं जाने का आरोप लगाया गया. इसे लेकर उस परिवार के इस पीढ़ी के सदस्य शेखर गनेड़ीवाला और सरवन गनेड़ीवाला ने आसनसोल नगर निगम के रानीगंज बोरो कार्यालय से गुहार लगाई. उनका दावा है कि भले ही उत्तराधिकार के कारण उन्हें इस संपत्ति का स्वामित्व लंबे समय से मिला हुआ है, लेकिन दलपट्टी मोड़ के पास वार्ड संख्या 88 में पीएन मालिया स्थित आसपास क्षेत्र के कुछ लोग उस जमीन पर जबरन मवेशी रखकर पूरे क्षेत्र को प्रदूषित कर रहे हैं . जिसे लेकर उन्होंने पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दरवाजा खटखटाया है, उसी तरह गलत तरीके से उनकी जमीन पर अवैध कब्जा खत्म करने के लिए उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. बाद में हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि पूरे क्षेत्र को कब्जे से मुक्त किया जाए और इलाके को प्रदूषण मुक्त करने के साथ-साथ खाली कराए जाएं. इसके अलावा छोटेलाल भवन की हालत भी काफी जर्जर है.पहले भी कई बार ढह चुकी इस इमारत को गिराने का आदेश दिया जा चुका है, लेकिन उस आदेश पर अभी तक अमल नहीं हुआ है. शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वहां सिर्फ शाइन बोर्ड लगाकर उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से मुक्ति पा ली है, लेकिन उनका दावा है कि निगम में इसकी शिकायत करने के बावजूद कोई काम नहीं हुआ है. गौरतलब है कि यह इलाका रानीगंज शहरी क्षेत्र के बिल्कुल मध्य में स्थित है और कई लोगों का सवाल है कि निगम ने अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है, ऐसे खटाल को आबादी वाली जगह पर चलाने की इजाजत कैसे दी जा सकती है. हालांकि, निगम की ओर से रानीगंज दो नंबर बोरो कार्यालय के इंजीनियर कौशिक सेनगुप्ता और रानीगंज बोरो कार्यालय के चेयरमैन मुज्जमिल शहजादा ने कहा कि वे जल्द ही इस संबंध में कार्रवाई करेंगे और पूरे क्षेत्र को प्रदूषणमुक्त करेंगे. और खटाल निष्कासन अभियान चलाया जाएगा.


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