बाराबनी: भुइया समाज उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष सिंटू कुमार भुइया के नेतृत्व में बाराबनी में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस रैली में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। रैली का मुख्य उद्देश्य सरकारी जमीनों पर रह रहे SC, ST और अन्य गरीब तबके के लोगों के घरों को तोड़े जाने से पहले उन्हें उचित मुआवजा दिलाना और पश्चिम बंगाल सरकार के निर्देशों के अनुसार भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करना था।
मुख्य मांगें:
सरकारी जमीनों पर रह रहे लोगों को उचित मुआवजा दिया जाए।
भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए।
रेल, सेल, कोल जैसी सरकारी संस्थाओं में ठेका श्रमिकों को आरक्षण दिया जाए।
ठेका श्रमिकों को वेज बोर्ड समझौते के अनुसार वेतन दिया जाए।
भुइया समाज का सामाजिक कार्य: भुइया समाज उत्थान समिति ने कोरोना काल में विभिन्न समुदायों के लोगों की मदद करके अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई है। समिति ने गरीबों, विधवाओं, वृद्धों और दिव्यांगों को खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक चीजें उपलब्ध कराई हैं।
समाज के नेताओं का योगदान: इस रैली में महिला नेत्री माया भुइया, हैंडीकैप वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष रमेश चौहान, एससी एसटी नेता प्रभुनाथ पासवान, रविशंकर भुइया, अर्जुन भुइया, बापी बावरी, सुमनतो बाउरी, मन्नू भुइया, राम सागर, महेश बाउरी, केदार भुइया, सुकुमार बाउरी, उमेश चौहान, निर्भय संगठन के सुमंतो बाउरी, परिमल बाउरी, कमल भुइया और बिनोद भुइया जैसे कई प्रमुख नेता मौजूद थे।
सिंटू कुमार भुइया का संदेश: सिंटू कुमार भुइया ने कहा कि गरीब, पिछड़े, एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों की समस्याओं को उठाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार को गरीबों के घर तोड़ने से पहले उन्हें उचित मुआवजा देना चाहिए और सरकारी संस्थाओं में ठेका श्रमिकों को आरक्षण देना चाहिए।




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