- ज़ीनत पिछले 9 दिनों से जंगलों में घूम रही थी।
- ज़ीनत ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर रखी थी।
- वन विभाग ने ज़ीनत को पकड़ने के लिए बड़ी मुहिम चलाई।
- ज़ीनत को पकड़कर ओडिशा वापस ले जाया जाएगा।
बांकुड़ा: ओडिशा से भटक कर पश्चिम बंगाल पहुंची बाघिन ज़ीनत को आखिरकार वन विभाग ने पकड़ लिया। 9 दिनों तक जंगलों में घूमते हुए ज़ीनत ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर रखी थी।
रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे वन कर्मियों ने ज़ीनत को बेहोशी की गोली मारकर बेहोश किया और उसे पिंजरे में बंद कर लिया। इससे पहले शनिवार को बांकुड़ा के रानीबांध के गोंसाईडीही जंगल में ज़ीनत को घेर लिया गया था और पूरे जंगल को जाल से घेर दिया गया था।
ज़ीनत पर कई बार बेहोशी की गोलियां दागी गईं लेकिन वह काबू में नहीं आ रही थी। आखिरकार रविवार सुबह वन कर्मियों की मेहनत रंग लाई और ज़ीनत को पकड़ लिया गया।
ज़ीनत का सफर:
15 नवंबर: यमुना और ज़ीनत नाम की दो बाघिनों को महाराष्ट्र से ओडिशा के सिमलीपाल बाघ परियोजना में लाया गया।
24 नवंबर: दोनों बाघिनों को सिमलीपाल जंगल में छोड़ दिया गया।
दिसंबर: ज़ीनत सिमलीपाल जंगल से भागकर झारखंड और फिर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ततपश्चात बांकुड़ा पहुंची।
20 दिसंबर: ज़ीनत बेलपहाड़ी के कटचुआ जंगल में पहुंची।
21 दिसंबर: ज़ीनत बांकुड़ा के मुकुटमणिपुर पहुंची।
28 दिसंबर: ज़ीनत को बांकुड़ा के रानीबांध के गोंसाईडीही जंगल में पकड़ा गया।
वन विभाग की कार्रवाई:
ज़ीनत को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पूरे जंगल को जाल से घेर दिया।
जगह-जगह आग लगाकर ज़ीनत को बाहर निकालने की कोशिश की गई।
वन कर्मियों ने ज़ीनत पर कई बार बेहोशी की गोलियां दागी।
ज़ीनत पिछले 9 दिनों से जंगलों में घूम रही थी।



0 टिप्पणियाँ