आसनसोल नगर निगम के एमएमआईसी दिव्येंदु भगत ने किया तालाब का निरीक्षण
- आसनसोल के बर दही तालाब पर अतिक्रमण
- तालाब का क्षेत्रफल हुआ आधा
- जमीन माफियाओं का खेल
- रानीगंज में 40% तालाबों पर अतिक्रमण
- मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश
- पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का खतरा
रानीगंज-आसनसोल नगर निगम के विभिन्न इलाकों में तालाबों पर अतिक्रमण की समस्या लगातार गहराती जा रही है. रानीगंज इलाके में स्थित वार्ड नम्बर के 36 प्रसिद्ध बरदही तालाब भी इस समस्या से अछूता नहीं रहा है.
गुरुवार को, आसनसोल नगर निगम के एमएमआईसी सह दिव्येंदु भगत ने स्वयं बरदही तालाब का मापी कर स्थिति का जायजा लिया. उनके साथ बीएलआरओ दफ्तर आसनसोल नगर निगम के सर्वेयर भी उपस्थित थे.
दिव्येंदु भगत ने बताया कि वह बचपन से ही इस तालाब को देखते आ रहे हैं. यहां के लोग तालाब के पानी का उपयोग अपने दैनिक जीवन में करते थे,आज भी करते है,इस अंचल में अधिकांश लोग रोज कमाने खाने वाले है,उनका जीवन काफी हद तक इस तालाब प लेकिन धीरे-धीरे तालाब को सुनियोजित तरीके से अतिक्रमण बढ़ने से इसका क्षेत्रफल लगातार घटता गया. रिकॉर्ड के अनुसार, तालाब का कुल क्षेत्रफल 10.64 (32 बीघा) एकड़ है, लेकिन जब तालाब की नपाई की गई तो पाया गया कि इसका एक बड़ा हिस्सा अतिक्रमण का शिकार हो चुका है,और अब तालाब मात्र 7.50(22 बीघा) में तब्दील हो गयी है.
एमएमआईसी ने स्वीकार किया कि यह काम जमीन माफियाओं द्वारा किया गया है.उन्होंने बताया कि रानीगंज में लगभग 40% तालाबों पर अतिक्रमण हो चुका है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तालाबों को भरने के खिलाफ सख्त निर्देश दिए हैं और उसी के अनुसार काम किया जा रहा है.
दिव्येंदु भगत ने लोगों से अपील की कि वे तालाबों को भरने से बचें, क्योंकि इससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता जा रहा है. तालाब हमारे पर्यावरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और इनकी रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है.


0 टिप्पणियाँ