रानीगंज: पिछले 13 सालों से बंद पड़ी रानीगंज की मंगलपुर जुट मिल को फिर से खोलने की उम्मीद जगी है. एक उद्योगपति द्वारा मिल को फिर से शुरू करने की इच्छा जताए जाने के बाद स्थानीय मजदूरों में खुशी की लहर दौड़ गई है. हालांकि, मजदूरों के मन में कुछ आशंकाएं भी हैं.
14 तारीख को राज्य के श्रम मंत्री मलय घटक के कार्यालय में हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी. बैठक में यह तय हुआ कि एक उद्योगपति मिल का निरीक्षण करने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा. कल उद्योगपति की टीम मिल का निरीक्षण करेगी.
मजदूरों की मांगें:
नौकरी और वेतन: मजदूरों की मांग है कि मिल खुलने पर उन्हें पहले की तरह नौकरी मिले और वेतन में भी कोई कमी न की जाए.
बेकारी भत्ता: कई मजदूरों को पिछले 13 सालों से बेकारी भत्ता मिल रहा है. उन्हें डर है कि मिल खुलने के बाद यह भत्ता बंद हो जाएगा.
नई नौकरियां: कुछ पुराने मजदूरों ने दूसरी जगह नौकरी कर ली है. वे चाहते हैं कि अगर मिल खुलती है तो उन्हें भी नौकरी का मौका मिले.
पूर्व विधायक रुनु दत्ता का कहना:
इस विषय पर रानीगंज के पूर्व विधायक रुनु दत्ता ने कहा कि वह चाहते हैं कि मिल फिर से खुले, लेकिन साथ ही श्रमिकों के हितों का भी ध्यान रखा जाए. उन्होंने कहा कि मिल खुलने से पहले वेतन, शिफ्ट आदि मुद्दों पर बातचीत की जाएगी.
स्थानीय सीटू के सेक्रेटरी मोहम्मद अनीस ने कहा कि मिल खुलने की खबर सुनकर मजदूरों में खुशी है, लेकिन साथ ही कुछ आशंकाएं भी हैं. उन्होंने कहा कि अगर मिल दोबारा बंद हो जाती है तो मजदूरों को काफी परेशानी होगी.



0 टिप्पणियाँ