- - फिनलैंड में आयोजित हंड्रेड इनोवेशन समिट में 'थ्री-जेनरेशन (3जी) लर्निंग मॉडल' प्रस्तुत किया।
- - उन्होंने फिनलैंड की शिक्षा प्रणाली से प्रेरणा लेकर बंगाल में शिक्षा में बदलाव लाने का बीड़ा उठाया.
- -नायक के काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है.
- -वे शिक्षा के माध्यम से समाज में गहरी असमानताओं को खत्म करना चाहते हैं.
जामुड़िया-पश्चिम बंगाल: 'टीचर ऑफ द स्ट्रीट्स' (रास्ते का मास्टर) के नाम से शिक्षक मशहूर दीप नारायण नायक ने फिनलैंड में आयोजित हंड्रेड इनोवेशन समिट में भारत का परचम लहराया है. उनके द्वारा विकसित किया गया 'थ्री-जेनरेशन (3जी) लर्निंग मॉडल' विश्व मंच पर खूब सराहा गया है. यह मॉडल बच्चों, माताओं और दादी-नानियों को एक साथ सीखने का मौका देता है, जिससे पीढ़ियों का अंतर कम होता है और समाज में सकारात्मक बदलाव आता है.
फिनलैंड से प्रेरणा: फिनलैंड की यात्रा के दौरान, नायक ने कहा कि वह वहां के स्कूलों और विश्वविद्यालयों का दौरा किये और उनकी शिक्षा प्रणाली का गहराई से अध्ययन किया. फिनलैंड की रचनात्मक, समावेशी और बाल-केंद्रित शिक्षा प्रणाली से उन्होंने कई सीखें लीं, जिन्हें उन्होंने बंगाल की शिक्षा प्रणाली में लागू करने का बीड़ा उठाया.
बंगाल में शिक्षा का नया अध्याय: नायक ने अपने जामुड़िया के नामो पाड़ा प्राइमरी स्कूल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने शुरू कर दिए हैं. वे पाठ्यपुस्तकों से परे जाकर, छात्रों की सोचने की क्षमता और रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए इंटरैक्टिव शिक्षण विधियों का इस्तेमाल कर रहे हैं.इसके साथ ही, शिक्षकों को भी नए तरीकों से प्रशिक्षित किया जा रहा है.
वैश्विक स्तर पर मिली पहचान: दीप नारायण नायक के काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब सराहा गया है. फिनलैंड के एक प्रमुख शिक्षाविद् ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि वे वैश्विक तरीकों और स्थानीय जरूरतों के बीच बेहतरीन तालमेल बना रहे हैं. भारत के राजदूत हेमन्त एच कोटालवार ने भी उनके काम की सराहना करते हुए उन्हें बड़े पैमाने पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया.
एक उज्ज्वल भविष्य की ओर: दीप नारायण नायक का मानना है कि शिक्षा के माध्यम से हर वर्ग के लोगों को सशक्त बनाया जा सकता है. फिनलैंड की नवीन शिक्षा प्रणाली और अपने 3जी मॉडल को मिलाकर, वे एक समावेशी और मजबूत भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं. उनकी सफलता की कहानी न केवल बंगाल बल्कि पूरे भारत के लिए एक प्रेरणा है.




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